भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के शोधकर्ताओं ने पीईटी (पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट) कचरे को संभावित रूप से 3डी प्रिंटिंग योग्य सामग्री में बदलने का दावा किया है। यह जानकारी द हिटावदा की एक रिपोर्ट में दी गई है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह विधि प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण में मददगार हो सकती है और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान दे सकती है। रिपोर्ट में इसे 'हरित ग्रह की ओर' एक कदम बताया गया है।
हालांकि, रिपोर्ट में इस शोध के विस्तृत विवरण या प्रयोगशाला परीक्षणों के परिणामों के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल यह दावा शोधकर्ताओं की ओर से किया गया है।
स्रोत: thehitavada.com



