मुख्य तथ्य
- आदर्श ग्राम घोषित
- 17,067
- शिक्षा में लाभार्थी
- 2,65,509
- स्वीकृत हॉस्टल (2021-22 से 2025-26)
- 90
- लाभान्वित छात्र
- 10,649
- जारी राशि
- 198.50 करोड़ रुपए
- सामाजिक-आर्थिक संकेतक
- 50
पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (पीएम-एजेएवाई) लागू कर रही है। योजना के अंतर्गत आदर्श ग्राम, अनुदान-सहायता और हॉस्टल निर्माण/मरम्मत जैसे घटक शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों के शैक्षिक परिणाम बेहतर करने, सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
वर्तमान स्थिति
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा में श्री राव राजेंद्र सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 29 जुलाई 2026 तक पीएम-एजेएवाई के आदर्श ग्राम घटक के तहत कुल 17,067 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है। इन गांवों में शिक्षा के क्षेत्र में 2,65,509 लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
आदर्श ग्राम घटक के तहत शिक्षा समेत 10 क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का आकलन 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर किया जाता है।
| विवरण | मान |
|---|---|
| आदर्श ग्राम घोषित (29 जुलाई 2026 तक) | 17,067 |
| शिक्षा क्षेत्र में लाभार्थी | 2,65,509 |
| स्वीकृत हॉस्टल (2021-22 से 2025-26) | 90 |
| लाभान्वित छात्र | 10,649 |
| जारी राशि (करोड़ रुपए) | 198.50 |
प्रभाव
पीएम-एजेएवाई के हॉस्टल घटक के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाने हेतु राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों को केंद्रीय सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य आकांक्षी जिलों, एससी बहुल ब्लॉकों और देश के अन्य हिस्सों में साक्षरता बढ़ाना तथा स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले को प्रोत्साहित करना है।
वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान 90 हॉस्टलों को मंजूरी दी गई, जिनसे अनुसूचित जाति के 10,649 छात्रों को लाभ मिला। इसी अवधि में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हॉस्टल निर्माण के लिए 198.50 करोड़ रुपए जारी किए गए।
दिशा-निर्देशों में हॉस्टलों में बेहतर गुणवत्ता, सुरक्षा और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं। लड़कियों के हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का प्रावधान है। इन-हाउस कोचिंग, चिकित्सा देखभाल, स्वास्थ्य शिविर, आईटी शिक्षा और खेलों की कोचिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। दिव्यांग छात्रों के लिए हॉस्टल परिसरों में बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने का भी प्रावधान है।
आगे की राह
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि योजना के तहत आदर्श ग्रामों की संख्या और हॉस्टल निर्माण की गति जारी रहती है, तो अनुसूचित जाति के छात्रों की शैक्षिक भागीदारी और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी वर्षों में कितने नए हॉस्टल स्वीकृत होंगे या कितने अतिरिक्त गांव आदर्श ग्राम बनेंगे। यदि वित्तीय आवंटन बढ़ता है, तो अधिक छात्रों को लाभ मिल सकता है; अन्यथा, लाभार्थियों की संख्या सीमित रह सकती है।
योजना के दिशा-निर्देशों में सुरक्षा और समावेशी सुविधाओं पर जोर देने से भविष्य में छात्रों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण बन सकता है, बशर्ते राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इन प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन करें।
स्रोत: DD News
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पीएम-एजेएवाई: प्रमुख आंकड़े
जारी राशि (करोड़ रुपए)198.5
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | मान |
|---|---|
| आदर्श ग्राम घोषित (29 जुलाई 2026 तक) | 17,067 |
| शिक्षा क्षेत्र में लाभार्थी | 2,65,509 |
| स्वीकृत हॉस्टल (2021-22 से 2025-26) | 90 |
| लाभान्वित छात्र | 10,649 |
| जारी राशि (करोड़ रुपए) | 198.5 |
स्रोत:DD News स्रोत-समर्थित



