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Lock Upp 2: Riteish Deshmukh on contestants' shocking revelations, says 'Shame doesn't lie with the victim'

Riteish Deshmukh praised Lock Upp 2 contestants for revealing childhood abuse, saying shame lies with the perpetrator, not the victim. The revelations have sparked conversations on trauma and given courage to others.

मुख्य तथ्य

शो
लॉक अप: सच या सज़ा
होस्ट
फराह खान और रितेश देशमुख
खुलासा करने वाले प्रतियोगी
श्रेया कालरा, राम कपूर, हर्षद चोपड़ा, शिवांगी जोशी
रितेश का बयान
शर्म अपराधी पर है, पीड़ित पर नहीं
स्रोत
हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत

पृष्ठभूमि

लॉक अप: सच या सज़ा, जिसे फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं, अपने फिनाले सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। शो के दौरान एक हाई-स्टेक चैलेंज में कई प्रतियोगियों ने अपने बचपन के दुर्व्यवहार के गहरे व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे घर के अंदर और दर्शकों के बीच भावनात्मक माहौल बन गया।

इन खुलासों ने घर के अंदर की गतिशीलता को बदल दिया और सोशल मीडिया पर बचपन के आघात के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण चर्चाएँ शुरू कर दीं।

वर्तमान स्थिति

इस कार्य के दौरान प्रतियोगी श्रेया कालरा, राम कपूर, हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी ने बचपन में यौन उत्पीड़न का सामना करने की बात खुलकर कही। जैसे ही उन्होंने अपने अनुभव साझा किए, साथी प्रतियोगियों ने उन्हें सांत्वना और समर्थन दिया। दर्शकों ने उनके साहस की प्रशंसा की और कई ने उनकी कहानियों में समानताएँ बताईं।

रितेश देशमुख ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा कि वह प्रतियोगियों की सार्वजनिक मंच पर ऐसे दर्दनाक अनुभवों को साझा करने की हिम्मत की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सभी प्रतियोगी अपने आप में सफल हैं और बाहर आना आसान नहीं है। यह किसी दोस्त, पत्नी या माता-पिता से कहने जैसा नहीं है, बल्कि इसे खुलकर कहना और जो कुछ भी उनके साथ हुआ उसे स्वीकार करना आसान नहीं है।"

प्रतियोगियों की सूची
प्रतियोगी खुलासा
श्रेया कालराबचपन में यौन उत्पीड़न
राम कपूरबचपन में यौन उत्पीड़न
हर्षद चोपड़ाबचपन में यौन उत्पीड़न
शिवांगी जोशीबचपन में यौन उत्पीड़न
स्रोत के अनुसार, इन प्रतियोगियों ने अपने बचपन के दुर्व्यवहार के अनुभव साझा किए।

प्रभाव

रितेश ने जोर देकर कहा कि शर्म का बोझ कभी पीड़ितों पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "शर्म अपराधी पर है, पीड़ित पर नहीं। हमें वास्तव में वह ताकत देनी होगी और इस तथ्य को स्वीकार करना होगा, और इसलिए मुझे लगता है कि प्रतियोगियों ने दर्शकों को भी बाहर आकर बात करने की अपार ताकत दी है।"

इन खुलासों ने न केवल शो के अंदर बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है, जिससे कई लोगों को अपने अनुभव साझा करने का साहस मिल सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसका वास्तविक जीवन में कितना प्रभाव पड़ा है।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

फिनाले के करीब आने के साथ, रितेश ने खुलासा किया कि उन्होंने जानबूझकर किसी पसंदीदा प्रतियोगी को चुनने से परहेज किया है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, फराह खान और मेरे पास ऐसा करने की विलासिता नहीं है। हम निश्चित रूप से निरीक्षण कर सकते हैं। श्रेया की यात्रा शानदार रही है, वह एक बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं।"

यदि प्रतियोगियों के खुलासे से दर्शकों को प्रोत्साहन मिलता है, तो इससे समाज में बचपन के दुर्व्यवहार के बारे में और अधिक खुली चर्चा हो सकती है। हालांकि, यह संभावना है कि इसका असर शो के फिनाले तक सीमित रहे, या यह एक व्यापक सामाजिक संवाद की शुरुआत बन सकता है।

स्रोत: pinkvilla.com

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