मुख्य तथ्य
- जीत का अंतर
- 19,324 वोट
- प्रशांत किशोर को मिले वोट
- 64,151
- नीरज कुमार सिन्हा को मिले वोट
- 44,827
- रेखा गुप्ता को मिले वोट
- 14,273
- पिछले चुनाव में जीत का अंतर
- 51,000 से अधिक वोट
- सीट पर भाजपा का कब्जा
- 1995 से
पृष्ठभूमि
जन सुराज पार्टी (JSP) के प्रमुख प्रशांत किशोर ने मंगलवार को कहा कि बैंकीपुर उपचुनाव में उनकी जीत बिहार के मतदाताओं की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेतृत्व को एक संदेश है कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद से हटाकर कोई बेहतर व्यक्ति नियुक्त किया जाए।
यह सीट पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 51,000 से अधिक मतों के अंतर से जीती थी। नबीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। भाजपा 1995 से इस शहरी सीट पर काबिज थी।
सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद भाजपा-NDA ने बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था। यह पहला मौका है जब भाजपा का कोई नेता बिहार का मुख्यमंत्री बना है, क्योंकि पार्टी आमतौर पर नीतीश की जदयू की जूनियर साझेदार रही है।
वर्तमान स्थिति
प्रशांत किशोर ने सोमवार को बैंकीपुर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 मतों के अंतर से हराया। किशोर को 64,151 मत मिले, जबकि नीरज को 44,827 मत मिले। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता 14,273 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
किशोर ने सवाल उठाया कि भाजपा वह सीट कैसे हार गई जिसे नबीन ने पिछले विधानसभा चुनाव में 51,000 से अधिक मतों से जीता था। उन्होंने कहा कि बैंकीपुर में कुछ नहीं बदला, सिवाय बिहार में भाजपा के नेतृत्व के, जिसे जनता ने अस्वीकार कर दिया है।
किशोर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार में ऐसा नेतृत्व दिया है जो जनता को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता सम्राट चौधरी के 'आचरण, चरित्र और चेहरे' से असहज हैं।
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट |
|---|---|---|
| प्रशांत किशोर | जन सुराज पार्टी | 64,151 |
| नीरज कुमार सिन्हा | भाजपा | 44,827 |
| रेखा गुप्ता | राष्ट्रीय जनता दल | 14,273 |
प्रभाव
इस हार को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट पार्टी का गढ़ रही है। नितिन नबीन ने सोमवार को कहा कि बैंकीपुर में उन्हें अपेक्षित जनादेश नहीं मिला और वे दोनों क्षेत्रों के चुनाव परिणामों की गंभीरता से समीक्षा करेंगे।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे भाजपा की 'करारी हार' बताया और मुख्यमंत्री के शासन को इसका कारण ठहराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार पर शासन करने में पूरी तरह विफल रहे हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किशोर को जीत की बधाई दी और एक्स पर पोस्ट में कहा कि वे जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बैंकीपुर की जीत को बिहार की जनता द्वारा भाजपा और NDA नेतृत्व को संदेश देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में एक बेहतर व्यक्ति नियुक्त करें। उन्होंने कहा कि बिहार को अपराध और जाति के बजाय शिक्षा, रोजगार और प्रवासन पर चर्चा की आवश्यकता है।
यदि भाजपा और NDA इस संदेश को गंभीरता से लेते हैं, तो वे मुख्यमंत्री बदलने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी नेतृत्व इस पर कोई कदम उठाएगा या नहीं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हार आगामी चुनावों में भाजपा के लिए चेतावनी हो सकती है, लेकिन यह देखना होगा कि पार्टी इससे क्या सबक लेती है।
स्रोत: hindustantimes.com
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रेखा गुप्ता14,273 वोट
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| श्रेणी | वोट |
|---|---|
| प्रशांत किशोर | 64,151 वोट |
| नीरज कुमार सिन्हा | 44,827 वोट |
| रेखा गुप्ता | 14,273 वोट |
स्रोत:हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार स्रोत-समर्थित



