न्यूज़ीलैंड फर्स्ट के उप नेता शेन जोन्स ने वेटांगी ट्रिब्यूनल पर आरोप लगाया है कि उसने गठबंधन सरकार की उस योजना की आलोचना करके 'डर फैलाने' का काम किया है, जिसमें कानूनों में वेटांगी संधि के संदर्भों की समीक्षा का प्रस्ताव है।
जोन्स ने कहा कि ट्रिब्यूनल की समीक्षा चुनाव से पहले न्यूज़ीलैंड फर्स्ट की स्थिति को कमजोर करने का प्रयास है। यह समीक्षा नेशनल पार्टी के साथ गठबंधन समझौते का हिस्सा है, जिसमें 19 कानूनों में संधि के संदर्भों की समीक्षा का प्रस्ताव है।
ट्रिब्यूनल ने त्वरित जांच के बाद कहा था कि असमानताओं को दूर करने वाले खंडों को हटाने से माओरी लोगों की मौत हो सकती है। जोन्स ने इस दावे को 'असाधारण' बताते हुए कहा कि संधि सिद्धांतों के संदर्भ हटाने से स्वास्थ्य प्रणाली में माओरी मौतों में वृद्धि नहीं होगी।
ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये बदलाव माओरी कल्याण और माओरी-क्राउन संबंधों को 'वास्तविक नुकसान' पहुंचा सकते हैं, जिसमें माओरी की जीवन प्रत्याशा कम होने का उदाहरण दिया गया है। वहीं, ते पाटी माओरी की सह-नेता डेबी नगारेवा-पैकर ने जोन्स की टिप्पणी को 'राजनीतिक बयानबाजी' करार दिया।
स्रोत: newstalkzb.co.nz



