मुख्य तथ्य
- प्रभावित जिले
- 28 जिले
- प्रभावित लोग
- 1,55,858
- प्रभावित सर्किल
- 384
- प्रभावित गांव
- 678
- क्षतिग्रस्त सड़कें
- 235
- क्षतिग्रस्त पुल
- 40
पृष्ठभूमि
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं जारी हैं। राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मानसून के कारण अब तक राज्य के 28 जिले प्रभावित हुए हैं और लगभग 1,55,858 लोग प्रभावित हुए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून से संबंधित आपदाओं ने अब तक राज्य के 384 सर्किलों और 678 गांवों को प्रभावित किया है।
वर्तमान स्थिति
मंगलवार को जारी ताजा दैनिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ऊपरी सियांग, क्रा दादी और कमले जिलों में नुकसान हुआ है। ऊपरी सियांग में यिंगकिओंग सर्किल और यिंगकिओंग गांव में भूस्खलन हुआ, जबकि क्रा दादी में तारक लांगडी सर्किल में ताजी और कंबांग गांवों के बीच अचानक बाढ़ आई। कमले जिले के रागा सर्किल में भारी बारिश से गोडक और किगम गांव प्रभावित हुए।
रिपोर्ट में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान का उल्लेख किया गया है। अब तक 235 सड़कें, 40 पुल, 75 पुलियां, 373 जल आपूर्ति प्रणालियां, 161 बिजली लाइनें, 823 बिजली के खंभे, 66 सिंचाई परियोजनाएं, 122 सरकारी इमारतें, 41 स्कूल, 12 जलविद्युत परियोजनाएं, 26 रिटेनिंग दीवारें और 16 बाढ़ सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
कृषि और बागवानी क्षेत्रों को भी महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,528.626 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है, जिसमें 780.716 हेक्टेयर बागवानी और 747.91 हेक्टेयर कृषि शामिल है।
| प्रकार | संख्या |
|---|---|
| सड़कें | 235 |
| पुल | 40 |
| पुलियां | 75 |
| जल आपूर्ति प्रणालियां | 373 |
| बिजली लाइनें | 161 |
| बिजली के खंभे | 823 |
| सिंचाई परियोजनाएं | 66 |
| सरकारी इमारतें | 122 |
| स्कूल | 41 |
| जलविद्युत परियोजनाएं | 12 |
| रिटेनिंग दीवारें | 26 |
| बाढ़ सुरक्षा दीवारें | 16 |
प्रभाव
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को लोंगडिंग, लोअर सुबनसिरी और पापुम पारे जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने और बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा, पूर्वी कमेंग, लोहित, नामसाई और कमले में भी भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के अनुसार, गुरुवार से मौसम में सुधार होने की संभावना है, केवल पापुम पारे में मौसम संबंधी निगरानी जारी रहेगी। शुक्रवार को बारिश की गतिविधियां और कमजोर पड़ने की उम्मीद है, केवल पक्के-केसांग में निगरानी रह सकती है। शनिवार के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
अधिकारियों ने भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि हफ्तों की लगातार बारिश के कारण मिट्टी संतृप्त हो गई है, जिससे मौसम में सुधार के बावजूद स्थानीय भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं हो सकती हैं।
भविष्य का पूर्वानुमान
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि मौसम में सुधार जारी रहता है, तो अगले कुछ दिनों में बारिश से राहत मिल सकती है, लेकिन संतृप्त मिट्टी के कारण भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।
यदि अगले 24 घंटों में भारी बारिश होती है, तो प्रभावित जिलों में नए भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे और नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से कोई चेतावनी नहीं है, जो यह संकेत देता है कि व्यापक बारिश का दौर समाप्त हो सकता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जोखिम बना रह सकता है।
स्रोत: dailypioneer.com
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क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा
सरकारी इमारतें122
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| सड़कें | 235 |
| पुल | 40 |
| पुलियां | 75 |
| जल आपूर्ति प्रणालियां | 373 |
| बिजली लाइनें | 161 |
| बिजली के खंभे | 823 |
| सिंचाई परियोजनाएं | 66 |
| सरकारी इमारतें | 122 |
स्रोत:dailypioneer.com स्रोत-समर्थित



