मुंबई: सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान मच गया है। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष और शिवसेना विधायक सदा सर्वंकर ने आरोप लगाया है कि इस मामले में गिरफ्तार कर्मचारियों के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी से संबंध हैं।
यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे से 18 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। सोमवार को पत्रकार वार्ता में सर्वंकर ने स्वीकार किया कि चोरी हुई है, लेकिन कहा कि ट्रस्ट ने ही अनियमितता पकड़ी और कार्रवाई शुरू की।
सर्वंकर के अनुसार, ट्रस्ट को चढ़ावे में गड़बड़ी दिखी तो उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विश्वास नागरे पाटिल से संपर्क किया। सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच के आधार पर राजन पेंदुरकर और घडीगांवकर समेत कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि आठ लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया और बाद में नरेश खाडे समेत कुछ को जमानत मिल गई।
शिंदे गुट के नेता सर्वंकर ने दावा किया कि मुख्य आरोपियों की नियुक्ति पूर्व महापौर विशाखा राउत के कार्यकाल में हुई थी और वे शिवसेना यूबीटी के स्थानीय कार्यालयों में नियमित रूप से आते-जाते थे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की समय पर कार्रवाई से चोरी का रैकेट पकड़ा गया और अब दैनिक चढ़ावा बढ़ा है। सर्वंकर ने कार्रवाई के बाद के संग्रह का ऑडिट कराने की मांग की।
स्रोत: freepressjournal.in



