मुख्य तथ्य
- घटना
- रियो डी जनेरियो में अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में प्रस्तुत स्लाइड में अफ्रीका का नक्शा गलत दिखाया गया
- गलत दिखाए गए देश
- नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक, आइवरी कोस्ट, मलावी, युगांडा, कैमरून
- कारण
- स्टेट डिपार्टमेंट ने अंतिम समय में 'जल्दबाजी में बदलाव' को जिम्मेदार ठहराया
- एआई वॉटरमार्क
- रॉयटर्स के अनुसार, स्लाइड में एआई वॉटरमार्क था
- आलोचना
- सीनेटर जीन शाहीन और पूर्व अधिकारी कैमरून हडसन ने आलोचना की
- संदर्भ
- ट्रम्प प्रशासन विदेशी सहायता में कटौती और पेपफार में बदलाव कर रहा है
पृष्ठभूमि
अमेरिकी विदेश विभाग (स्टेट डिपार्टमेंट) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को रियो डी जनेरियो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में अमेरिकी वित्त पोषित एचआईवी कार्यक्रमों पर प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में इस्तेमाल की गई स्लाइड में अफ्रीका का नक्शा बेहद गलत दिखाया गया, जिसमें कई देशों की स्थिति और आकार विकृत थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नाइजीरिया को स्थलरुद्ध दिखाया गया, आइवरी कोस्ट को दक्षिणी अफ्रीका में स्थानांतरित कर दिया गया, और कई देश इतने विकृत थे कि उन्हें पहचानना मुश्किल था। यह स्लाइड एचआईवी/एड्स विशेषज्ञ एमिली बास द्वारा अपने न्यूज़लेटर पर साझा किए जाने के बाद वायरल हो गई।
वर्तमान स्थिति
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्लाइड में एआई वॉटरमार्क था, जिससे संकेत मिलता है कि इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बनाया गया था। नक्शे में नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक, आइवरी कोस्ट और मलावी को गलत स्थानों पर दिखाया गया था। युगांडा लगभग सही जगह पर था लेकिन उसका आकार अजीब था, जबकि कैमरून नक्शे की लीजेंड में दिखाई दिया लेकिन नक्शे पर अंकित नहीं था।
स्टेट डिपार्टमेंट ने इस गलती के लिए अंतिम समय में किए गए संपादन को जिम्मेदार ठहराया। एक प्रवक्ता ने कहा, 'यह एक दुर्भाग्यपूर्ण गलती थी' और बताया कि एक कर्मचारी ने कार्यक्रम से पहले प्रस्तुति में 'जल्दबाजी में बदलाव' किया था। विभाग ने सम्मेलन में शामिल अफ्रीकी साझेदारों सहित सभी को हुई 'भ्रम और गलत जानकारी' के लिए 'पूरी जिम्मेदारी' ली।
| देश | त्रुटि |
|---|---|
| नाइजीरिया | स्थलरुद्ध दिखाया गया |
| मोज़ाम्बिक | गलत स्थान पर |
| आइवरी कोस्ट | दक्षिणी अफ्रीका में स्थानांतरित |
| मलावी | गलत स्थान पर |
| युगांडा | आकार विकृत |
| कैमरून | लीजेंड में दिखा, नक्शे पर नहीं |
प्रभाव
इस घटना ने वर्तमान और पूर्व अधिकारियों की आलोचना को जन्म दिया। सीनेट विदेश संबंध समिति के शीर्ष डेमोक्रेट सीनेटर जीन शाहीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि यह तब होता है जब अनुभवी विशेषज्ञों की जगह एआई को कूटनीति का काम सौंपा जाता है।
पूर्व स्टेट डिपार्टमेंट अधिकारी कैमरून हडसन ने इस गलती को 'बेवकूफी भरा और शर्मनाक' बताया, और कहा कि यह खराब तकनीक के बजाय खराब पर्यवेक्षण को दर्शाता है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब ट्रम्प प्रशासन अमेरिकी वैश्विक स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव कर रहा है, जिसमें विदेशी सहायता में भारी कटौती और पेपफार (PEPFAR) कार्यक्रम में बदलाव शामिल हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि स्टेट डिपार्टमेंट अपनी प्रक्रियाओं में सुधार नहीं करता है, तो ऐसी गलतियाँ दोहराई जा सकती हैं, जिससे अमेरिकी विदेश नीति की विश्वसनीयता को और नुकसान पहुँच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई-जनित सामग्री की समीक्षा के लिए स्पष्ट दिशानिर्देशों की आवश्यकता है।
यदि प्रशासन पेपफार जैसे कार्यक्रमों में कटौती जारी रखता है, तो वैश्विक एचआईवी/एड्स रोकथाम प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यदि विभाग इस घटना से सीख लेकर मानवीय समीक्षा को अनिवार्य करता है, तो भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचा जा सकता है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना के बाद कोई ठोस नीतिगत बदलाव किया गया है।
स्रोत: thebeatdfw.com



