मुख्य तथ्य
- फॉर्मेट
- स्मार्ट सिनेमा
- पहला सिनेमा
- मुजफ्फरपुर, बिहार
- टिकट की कीमत
- नजदीकी बड़े शहर से 30-35% कम
- प्रति स्क्रीन लागत
- लगभग 1.9 करोड़ रुपये
- एसपीएच
- 20-25% कम
- एटीपी
- मौजूदा खिलाड़ियों से 10-15% कम
पृष्ठभूमि
मुंबई स्थित एक मल्टीप्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में पीवीआर आईनॉक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय बिजली, कार्यकारी निदेशक संजीव कुमार बिजली और मुख्य रणनीतिक सलाहकार एवं स्मार्ट सिनेमाज सीईओ रेनॉड पल्लीयर ने 'स्मार्ट सिनेमा' नामक नए सिनेमा फॉर्मेट का अनावरण किया। यह फॉर्मेट भारत के विकासशील बाजारों में समकालीन और तकनीक-सक्षम सिनेमा अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कार्यक्रम में घोषणा की गई कि पीवीआर का पहला स्मार्ट सिनेमा बिहार के मुजफ्फरपुर में खोला जाएगा। कंपनी के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इन सिनेमा हॉलों में टिकट की कीमतें उचित रहेंगी, लेकिन दर्शकों को उच्च-स्तरीय सेवा दी जाएगी।
वर्तमान स्थिति
रेनॉड पल्लीयर ने मूल्य निर्धारण रणनीति के बारे में बताया कि टिकट की कीमतें नजदीकी बड़े शहर की तुलना में 30-35% कम होंगी। उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर के लिए पटना संदर्भ बिंदु होगा, इसलिए मुजफ्फरपुर में टिकट की कीमतें पटना से 30-35% कम होंगी। प्रति व्यक्ति खर्च (एसपीएच) भी लगभग 20-25% कम होगा।
जब पूछा गया कि मुजफ्फरपुर में पीवीआर के टिकट की कीमतें वहां के मौजूदा सिनेमाघरों से कैसे तुलना करेंगी, तो पल्लीयर ने कहा कि वे औसत टिकट मूल्य (एटीपी) को मौजूदा खिलाड़ियों से 10-15% कम रखने की उम्मीद करते हैं।
अजय बिजली ने कहा कि भारत इतना विषम बाजार है कि हर कीमत बिंदु पर उपभोक्ता मौजूद है। उन्होंने बताया कि कंपनी मुजफ्फरपुर, रामपुर, बैरकपुर और कई अन्य स्थानों पर सिनेमा खोल रही है। उन्होंने कहा कि अनुभव किफायती और आकांक्षी दोनों होना चाहिए।
| विवरण | मान |
|---|---|
| टिकट की कीमत (बड़े शहर से) | 30-35% कम |
| एसपीएच | 20-25% कम |
| एटीपी (मौजूदा खिलाड़ियों से) | 10-15% कम |
| सामान्य सिनेमा प्रति स्क्रीन लागत | 3-4 करोड़ रुपये |
| स्मार्ट सिनेमा प्रति स्क्रीन लागत | 1.9 करोड़ रुपये |
प्रभाव
अजय बिजली ने खुलासा किया कि एक सामान्य उच्च-स्तरीय सिनेमा की प्रति स्क्रीन लागत लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये होती है, जबकि स्मार्ट सिनेमा की प्रति स्क्रीन लागत लगभग 1.9 करोड़ रुपये होगी, बिना सीटों या अन्य सुविधाओं से समझौता किए। उन्होंने कहा कि लेगरूम, बैठने की व्यवस्था और ऑडियो-विजुअल गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं होगा।
खाद्य और पेय पदार्थ (एफएंडबी) की पेशकश भी उस विशेष बाजार के अनुरूप होगी। बिजली ने कहा कि दर्शकों को सभी नवीनतम रिलीज़, जिनमें हॉलीवुड फिल्में भी शामिल हैं, तक पहुंच मिलेगी। थिएटर और बाजार के आधार पर फिल्में डब संस्करण या मूल अंग्रेजी भाषा में दिखाई जा सकती हैं।
संजीव कुमार बिजली ने कहा कि भारत में सिनेमा के प्रति जुनून बढ़ रहा है, जिससे देश के उच्च-विकास वाले शहरों में महत्वपूर्ण अवसर पैदा हो रहे हैं। पीवीआर आईनॉक्स स्मार्ट सिनेमाज एक अत्यधिक स्केलेबल, पूंजी-कुशल विस्तार मॉडल को पीवीआर आईनॉक्स के विशिष्ट अनुभव के साथ जोड़ता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो पीवीआर आईनॉक्स इस साल बैरकपुर और कई अन्य स्थानों पर स्मार्ट सिनेमा खोल सकता है। कंपनी का लक्ष्य छोटे शहरों में सिनेमा अनुभव को बेहतर बनाना है, जहां अभी भी उच्च-गुणवत्ता वाले सिनेमाघरों की कमी है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन सिनेमाघरों में कितनी स्क्रीन होंगी और किस समयसीमा में विस्तार होगा। यदि टिकट की कीमतें प्रतिस्पर्धी रहती हैं और दर्शकों को आकर्षित करती हैं, तो यह छोटे शहरों में सिनेमा देखने के तरीके को बदल सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह मॉडल लागत प्रभावी साबित होता है, तो अन्य सिनेमा श्रृंखलाएं भी इसी तरह की रणनीति अपना सकती हैं। लेकिन यह अभी देखना बाकी है कि दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी और क्या यह कंपनी के लिए लाभदायक साबित होगा।
स्रोत: bollywoodhungama.com



