मुख्य तथ्य
- चेतावनी जारी करने वाला
- पर्थ नगर निगम
- जनगणना की तारीख
- 11 अगस्त
- फर्जी कॉल का तरीका
- कर्मचारी बनकर जानकारी मांगना
- सलाह
- कोई जानकारी न दें, फोन काटें, स्कैमवॉच को सूचित करें
- अन्य चेतावनी
- कंज्यूमर प्रोटेक्शन डब्ल्यूए ने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी दी
पृष्ठभूमि
पर्थ नगर निगम ने निवासियों को आगाह किया है कि कुछ लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताकर ऑस्ट्रेलियाई जनगणना के लिए जानकारी मांग सकते हैं। नगर निगम की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि उसके कर्मचारी कभी भी फोन पर व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पांच वर्षों में एक बार होने वाली जनगणना 11 अगस्त को आयोजित होने वाली है। जनगणना में लोगों की उम्र, जन्म स्थान, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, रहन-सहन, काम और शिक्षा से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
वर्तमान स्थिति
पर्थ नगर निगम की सूचना में कहा गया है, "यदि आपको ऐसा कोई संदिग्ध कॉल आए तो कोई विवरण न दें। फोन काट दें और यदि आपको संदेह हो कि कॉल वास्तविक है या नहीं, तो सीधे नगर निगम के आधिकारिक चैनलों से संपर्क करें।" साथ ही, ऐसे कॉलों की सूचना स्कैमवॉच को देने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के उपभोक्ता संरक्षण विभाग (कंज्यूमर प्रोटेक्शन डब्ल्यूए) ने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि आगामी जनगणना के मद्देनजर अपराधी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को धोखा दे सकते हैं। विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जनगणना से जुड़े अनचाहे ईमेल, टेक्स्ट संदेश, फोन कॉल या सोशल मीडिया संदेशों से सावधान रहें।
| विवरण | विवरण मान |
|---|---|
| जनगणना की तारीख | 11 अगस्त |
| जनगणना की अवधि | हर पांच वर्ष में |
| हेल्पलाइन नंबर | 1800 181 227 |
प्रभाव
ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी बैंक विवरण, क्रेडिट कार्ड की जानकारी, धन या दान, पासवर्ड, पहचान पत्र या टैक्स फाइल नंबर नहीं मांगेगा। इसके अलावा, ब्यूरो जनगणना पूरी करने के लिए कोई पुरस्कार या प्रोत्साहन भी नहीं देता।
यदि कोई व्यक्ति इन फर्जी कॉलों के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी साझा करता है, तो उसे वित्तीय धोखाधड़ी या पहचान की चोरी का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की चेतावनी का उद्देश्य नागरिकों को इस तरह के जोखिम से बचाना है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि नागरिक सतर्क रहें और संदिग्ध कॉलों पर कोई जानकारी साझा न करें, तो ऐसे फर्जी कॉलों का असर सीमित रह सकता है। हालांकि, यदि लोग अनजाने में जानकारी दे देते हैं, तो धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
जनगणना के बाद भी ऐसे फर्जी कॉलों का सिलसिला जारी रह सकता है, क्योंकि अपराधी अक्सर सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते हैं। इसलिए, नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना स्कैमवॉच को देने की सलाह दी जाती है।
स्रोत: perthnow.com.au



