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प्रदर्शन कला की दुनिया में एक नए दर्शक की उलझन

न्यूयॉर्क के Performa 09 महोत्सव में तीन प्रदर्शन देखने के बाद एक नए दर्शक को प्रदर्शन कला का अर्थ समझ नहीं आया। उन्होंने पाया कि कलाकृतियाँ विचित्र और अमूर्त हैं, लेकिन उनका कोई स्पष्ट संदेश नहीं है।

मुख्य तथ्य

महोत्सव
Performa 09
स्थान
न्यूयॉर्क शहर
देखे गए प्रदर्शन
3
पहला प्रदर्शन
पास्ता सौना
दूसरा प्रदर्शन
स्नोफ्रिड रूबी डिस्टिलरी
तीसरा प्रदर्शन
मदर अर्थ सिस्टर मून

पृष्ठभूमि

नैसॉ वीकली की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेखक को प्रदर्शन कला के बारे में तब तक जानकारी नहीं थी जब तक उनकी मुलाकात कलाकार सबा मैककॉय से नहीं हुई। उन्होंने इस कला को समझने के लिए Performa 09 महोत्सव में भाग लिया, जिसे दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित प्रदर्शन कला महोत्सव बताया जाता है।

महोत्सव का मुख्यालय ईस्ट विलेज में कूपर यूनियन की नई इमारत में स्थित Performa HUB था। लेखक ने यहाँ अपना पहला प्रदर्शन देखा, जिसका नाम 'पास्ता सौना' था, जिसे मारिजे वोल्गेलज़ैंग ने बनाया था।

वर्तमान स्थिति

लेखक ने Performa 09 के दौरान तीन प्रदर्शन देखे। पहला 'पास्ता सौना' था, जिसमें तीन कलाकार सफेद जंपसूट में सीढ़ियों पर खड़े होकर संगीत बक्सों के साथ पास्ता बना रहे थे। भाप से भरे कमरे में दर्शकों को थकान महसूस हुई, जो भविष्यवादी सिद्धांतों के अनुसार पास्ता खाने का प्रभाव है।

दूसरा प्रदर्शन 'स्नोफ्रिड रूबी डिस्टिलरी' था, जो सोहो में स्विस इंस्टीट्यूट में आयोजित किया गया था। इसमें एक महिला और दाढ़ी वाले व्यक्ति शैंपेन को रूबी के साथ डिस्टिल करके 168 प्रूफ अल्कोहल बना रहे थे। लेखक ने बताया कि वहाँ लगभग कोई दर्शक नहीं था।

तीसरा प्रदर्शन 'मदर अर्थ सिस्टर मून' था, जो प्रिंसटन के क्रिश्चियन टोमाज़ेव्स्की द्वारा बनाया गया था। इसमें एक विशाल अंतरिक्ष सूट के अंदर एक फैशन शो हुआ, जिसमें मॉडल विचित्र वेशभूषा में चल रहे थे। दर्शकों में से आधे लोग हँस रहे थे।

प्रदर्शन विवरण
प्रदर्शन कलाकार स्थान विशेषता
पास्ता सौनामारिजे वोल्गेलज़ैंगPerforma HUBपास्ता बनाना
स्नोफ्रिड रूबी डिस्टिलरीयल्वा ओगलैंडस्विस इंस्टीट्यूट168 प्रूफ अल्कोहल
मदर अर्थ सिस्टर मूनक्रिश्चियन टोमाज़ेव्स्कीमिडटाउनफैशन शो
स्रोत: नैसॉ वीकली

प्रभाव

लेखक ने निष्कर्ष निकाला कि प्रदर्शन कला में कुछ भी ऐसा नहीं है जो इसे सार्थक या मूल्यवान बनाता हो। उन्होंने कहा कि कलाकार जानबूझकर विचित्र और अमूर्त होने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्हें अच्छी कला बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

हालाँकि, लेखक ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने केवल तीन प्रदर्शन देखे हैं, और यदि वे 'जीसस क्राइस्ट इज़ अ सॉसेज' का गुरुवार रात का प्रीमियर देखते, तो उनकी राय बदल सकती थी।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि प्रदर्शन कला को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाना है, तो कलाकारों को अपने काम को अधिक सुलभ और संवादात्मक बनाने की आवश्यकता हो सकती है। अन्यथा, यह केवल एक सीमित दर्शक वर्ग तक ही सीमित रह सकती है।

यदि प्रदर्शन कला अपनी विचित्रता को बनाए रखते हुए स्पष्ट संदेश देने में सक्षम होती है, तो यह अधिक लोकप्रिय हो सकती है। लेकिन यदि यह केवल अमूर्तता पर केंद्रित रही, तो नए दर्शकों को इसे समझने में कठिनाई होती रहेगी।

भविष्य में, प्रदर्शन कला के आयोजकों को दर्शकों की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्रमों की योजना बनानी चाहिए, ताकि अधिक लोग इसे समझ सकें और सराह सकें।

स्रोत: nassauweekly.com

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