मुख्य तथ्य
- नोएडा में कीमतों में वृद्धि
- 125% (2019 से Q2 2026)
- गुरुग्राम में कीमतों में वृद्धि
- 117% (2019 से Q2 2026)
- बेंगलुरु में कीमतों में वृद्धि
- 90%
- हैदराबाद में कीमतों में वृद्धि
- 93%
- मुंबई में कीमतों में वृद्धि
- 64%
- नवी मुंबई में कीमतों में वृद्धि
- 71%
पृष्ठभूमि
इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से Q2 2026 के बीच देश के 11 प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्ति की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े विभिन्न शहरों में प्रति वर्ग फुट औसत कीमतों और किराये की पैदावार (रेंटल यील्ड) के आधार पर हैं।
रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहरों का विवरण दिया गया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि महामारी के बाद आवासीय बाजार में तेजी आई है, हालांकि विभिन्न शहरों में वृद्धि की दर अलग-अलग रही है।
वर्तमान स्थिति
नोएडा में संपत्ति की कीमतें 2019 में औसतन 4,795 रुपये प्रति वर्ग फुट थीं, जो Q2 2026 में बढ़कर 10,780 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, यानी 125% की वृद्धि। इसी अवधि में किराये की पैदावार 3.2% से बढ़कर 3.9% हो गई।
गुरुग्राम में कीमतें 6,150 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 13,350 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जो 117% की वृद्धि है। किराये की पैदावार 3.5% से बढ़कर 4.3% हो गई। बेंगलुरु में 90% और हैदराबाद में 93% की वृद्धि दर्ज की गई।
मुंबई में कीमतें 64% बढ़ीं, जबकि नवी मुंबई में 71% और ठाणे में 63% की वृद्धि हुई। पुणे में 51% की वृद्धि दर्ज की गई। किराये की पैदावार में भी सुधार हुआ है, जो 0.65% से 1% के बीच रहा।
| शहर | 2019 कीमत (₹/वर्ग फुट) | Q2 2026 कीमत (₹/वर्ग फुट) | कीमत में % वृद्धि | 2019 किराया पैदावार (%) | Q2 2026 किराया पैदावार (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| नोएडा | 4,795 | 10,780 | 125% | 3.2 | 3.9 |
| गुरुग्राम | 6,150 | 13,350 | 117% | 3.5 | 4.3 |
| बेंगलुरु | 4,975 | 9,450 | 90% | 3.6 | 4.6 |
| हैदराबाद | 4,195 | 8,090 | 93% | 2.6 | 3.6 |
| मुंबई | 17,845 | 29,270 | 64% | 3.5 | 4.3 |
| नवी मुंबई | डेटा उपलब्ध नहीं | डेटा उपलब्ध नहीं | 71% | डेटा उपलब्ध नहीं | 0.8% वृद्धि |
| ठाणे | डेटा उपलब्ध नहीं | डेटा उपलब्ध नहीं | 63% | डेटा उपलब्ध नहीं | 0.8% वृद्धि |
| पुणे | डेटा उपलब्ध नहीं | डेटा उपलब्ध नहीं | 51% | डेटा उपलब्ध नहीं | 0.65% वृद्धि |
प्रभाव
इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर घर खरीदारों पर पड़ा है, जिन्हें अब अधिक राशि निवेश करनी पड़ रही है। वहीं, मौजूदा मकान मालिकों को संपत्ति के मूल्य में वृद्धि से लाभ हुआ है।
किराये की पैदावार में सुधार से निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिल सकता है, लेकिन किराएदारों के लिए किराया बोझ बढ़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन आंकड़ों का किराएदारों पर कितना प्रभाव पड़ा है।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि यह रुझान जारी रहता है, तो आने वाले वर्षों में भी संपत्ति की कीमतों में वृद्धि जारी रह सकती है, हालांकि यह कई कारकों पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्याज दरों, आपूर्ति और मांग के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव संभव है। यदि आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है, तो कीमतें स्थिर रह सकती हैं, लेकिन यदि मंदी आती है, तो कीमतों में गिरावट भी संभव है।
फिलहाल, यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि भविष्य में क्या होगा, लेकिन मौजूदा रुझानों के आधार पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
स्रोत: indiatimes.com
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2019 से Q2 2026 तक विभिन्न शहरों में संपत्ति की कीमतें और किराये की पैदावार
पुणे51
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | कीमत में % वृद्धि |
|---|---|
| नोएडा | 125 |
| गुरुग्राम | 117 |
| बेंगलुरु | 90 |
| हैदराबाद | 93 |
| मुंबई | 64 |
| नवी मुंबई | 71 |
| ठाणे | 63 |
| पुणे | 51 |
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