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हिमाचल के सात जिलों में फ्लैशफ्लड की चेतावनी, शिमला में भूस्खलन से कार क्षतिग्रस्त

भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में 109 सड़कें बंद हैं। शिमला के ठियोग में भूस्खलन से खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने सात जिलों में अगले 24 घंटों में फ्लैशफ्लड का अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल के सात जिलों में फ्लैशफ्लड की चेतावनी, शिमला में भूस्खलन से कार क्षतिग्रस्त
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

फ्लैशफ्लड चेतावनी वाले जिले
शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन, मंडी, चंबा, सिरमौर
बंद सड़कें
109
सर्वाधिक बारिश (24 घंटे)
पांवटा साहिब: 75.8 मिमी
सर्वाधिक अधिकतम तापमान
हमीरपुर: 32.3°C
सबसे कम न्यूनतम तापमान
कुकुमसेरी: 12.2°C
भूस्खलन स्थल
ठियोग, शिमला (प्रेमघाट बाईपास)

पृष्ठभूमि

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भारी बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य में मानसून की सक्रियता के कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान सात जिलों में फ्लैशफ्लड की चेतावनी जारी की है। ये जिले हैं- शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन, मंडी, चंबा और सिरमौर। मौसम कार्यालय के अनुसार, इन जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्र और आस-पास के इलाके तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

वर्तमान स्थिति

शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र में प्रेमघाट बाईपास सड़क के पास सोमवार सुबह भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क किनारे खड़ी एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्य से उस समय कार के अंदर कोई नहीं था, जिससे किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और यातायात बहाल किया।

मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को नदी तटों, नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। राज्य में 109 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिससे आवागमन प्रभावित है। मौसम कार्यालय ने 9 अगस्त तक राज्य में गीली स्थिति बने रहने का अनुमान जारी किया है।

पिछले 24 घंटों में बारिश (मिमी)
स्थान बारिश (मिमी)
पांवटा साहिब75.8
नैना देवी70
धर्मशाला28
पालमपुर15
मनाली6
नाहन4.6
आंकड़े मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किए गए हैं।

प्रभाव

भारी बारिश के कारण राज्य में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। 109 सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूल, बाजार और अन्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

फ्लैशफ्लड की चेतावनी वाले जिलों में नदी किनारे बसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। अचानक आने वाली बाढ़ से फसलों, मवेशियों और संपत्ति को नुकसान हो सकता है। पर्यटन स्थलों पर भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

आगे की संभावना

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, 4 अगस्त को कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में और अधिक भूस्खलन या बाढ़ की घटनाएं हो सकती हैं।

मौसम कार्यालय ने अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना जताई है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है। यदि बारिश कम होती है, तो सड़कों की बहाली में तेजी आ सकती है, लेकिन अगर मौसम खराब रहा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्रोत: tribuneindia.com

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तुलना

पिछले 24 घंटों में बारिश (मिमी)

बारिश (मिमी)
75.856.8537.918.95075.870281564.6पांवटा साहिबपांवटा साहिबनैना देवीनैना देवीधर्मशालाधर्मशालापालमपुरपालमपुरमनालीमनालीनाहननाहन
पांवटा साहिब75.8
नैना देवी70
धर्मशाला28
पालमपुर15
मनाली6
नाहन4.6

नाहन4.6

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श्रेणीबारिश (मिमी)
पांवटा साहिब75.8
नैना देवी70
धर्मशाला28
पालमपुर15
मनाली6
नाहन4.6

स्रोत:tribuneindia.com स्रोत-समर्थित

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