मुख्य तथ्य
- नियामक
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)
- चेतावनी
- अनधिकृत प्लेटफॉर्मों पर अनलिस्टेड शेयरों की खरीद-बिक्री से बचें
- जोखिम
- धोखाधड़ी, व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग, सीमित कानूनी उपाय
- अधिकृत चैनल
- मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज और पंजीकृत मध्यस्थ
- सुरक्षा उपाय
- संवेदनशील जानकारी साझा न करें, प्लेटफॉर्म की साख जांचें
पृष्ठभूमि
प्री-आईपीओ निवेश की बढ़ती लोकप्रियता और त्वरित रिटर्न के आकर्षण ने कई खुदरा निवेशकों को अनलिस्टेड शेयरों की ओर खींचा है। इसी बीच, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सामने आए हैं जो इन अवसरों तक 'आसान पहुंच' का दावा करते हैं।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बार-बार निवेशकों को अनलिस्टेड सार्वजनिक कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री अनधिकृत वेबसाइटों और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्मों के माध्यम से करने के प्रति आगाह किया है। बाजार नियामक के अनुसार, अनधिकृत प्लेटफॉर्मों पर किए गए लेन-देन उसके नियामक ढांचे के दायरे से बाहर होते हैं।
वर्तमान स्थिति
SEBI ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत प्लेटफॉर्मों पर लेन-देन करने वाले निवेशकों को धोखाधड़ी, व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग और सीमित कानूनी उपायों का सामना करना पड़ सकता है। नियामक ने वर्षों से कई परामर्श और प्रेस विज्ञप्तियां जारी की हैं, जो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
SEBI ने अनलिस्टेड शेयरों में निवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, बल्कि निवेशकों से सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। नियामक ने कहा है कि प्री-आईपीओ निवेश आकर्षक रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन उनमें सूचीबद्ध प्रतिभूतियों की तुलना में अधिक जोखिम और कम सुरक्षा उपाय होते हैं।
| क्रम | जांच |
|---|---|
| 1 | अनधिकृत वेबसाइटों और ऐप्स से बचें |
| 2 | केवल अधिकृत बाजार अवसंरचना से लेन-देन करें |
| 3 | संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें |
| 4 | विनियामक सुरक्षा के नुकसान को समझें |
| 5 | उच्च रिटर्न के वादों पर भरोसा न करें, उचित परिश्रम करें |
प्रभाव
अनधिकृत प्लेटफॉर्मों का उपयोग करने वाले निवेशकों को विनियामक सुरक्षा उपायों का लाभ नहीं मिल सकता है। SEBI ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्लेटफॉर्मों पर विवाद होने पर निवेशकों के पास एक्सचेंज-समर्थित शिकायत निवारण तंत्र या ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) प्रणाली तक पहुंच नहीं हो सकती है।
संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहचान की चोरी, धोखाधड़ी या अन्य वित्तीय अपराधों का खतरा बढ़ सकता है। निवेशकों को उच्च रिटर्न या विशेष प्री-आईपीओ पहुंच के वादों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए।
आगे का रास्ता
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि निवेशक अनधिकृत प्लेटफॉर्मों का उपयोग जारी रखते हैं, तो उन्हें वित्तीय नुकसान और कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यदि वे मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों और पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से लेन-देन करते हैं, तो वे नियामक सुरक्षा का लाभ उठा सकते हैं।
भविष्य में, SEBI द्वारा जारी परामर्शों का पालन करके और प्लेटफॉर्म की साख की जांच करके निवेशक जोखिम कम कर सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अनधिकृत प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कोई और कार्रवाई होगी या नहीं।
स्रोत: livemint.com



