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क्या अमेरिका और इज़राइल का हाथ था स्यूटा प्रवासी संकट में?

मोरक्को द्वारा स्यूटा सीमा पर नियंत्रण में ढील दिए जाने के आरोपों के बीच विशेषज्ञों ने अमेरिका और इज़राइल की संलिप्तता की संभावना जताई है। हालांकि, इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

मुख्य तथ्य

घटना
स्यूटा में हजारों प्रवासियों का प्रवेश
आरोप
मोरक्को द्वारा सीमा नियंत्रण में ढील
विशेषज्ञ राय
रबात की संलिप्तता की संभावना
अमेरिका-इज़राइल
स्पेन की आलोचना, लेकिन कोई सबूत नहीं
पिछला संकट
2021 में 10,000 से अधिक प्रवासी

पृष्ठभूमि

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में हाल ही में हजारों प्रवासियों के पहुंचने से द्विपक्षीय तनाव बढ़ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों के अनुसार, मोरक्को की सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र में असाधारण तैनाती नहीं की, जिससे प्रवासियों का आना आसान हुआ।

मोरक्को और स्पेन के बीच स्यूटा और मेलिला को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। मोरक्को इन एन्क्लेवों को अपना क्षेत्र मानता है, जबकि स्पेन उन्हें अपना हिस्सा बताता है। 2021 में भी इसी तरह का संकट आया था, जब 10,000 से अधिक प्रवासी दो दिनों में स्यूटा पहुंचे थे।

वर्तमान स्थिति

एएफपी से बात करने वाले गवाहों ने बताया कि फनीदेक शहर में सुरक्षा उपाय कम किए गए थे। उत्तरी वेधशाला फॉर ह्यूमन राइट्स (ONDH) के प्रमुख मोहम्मद बेनाइसा ने कहा कि पुलिस सुदृढ़ीकरण गुरुवार शाम सात बजे के बाद ही पहुंचा, जबकि सैकड़ों प्रवासी पहले ही स्यूटा में प्रवेश कर चुके थे।

मोरक्को सरकार ने सोशल मीडिया के 'दुर्भावनापूर्ण दुरुपयोग' और 'भ्रामक सूचना' को इसकी वजह बताया है। हालांकि, कई विश्लेषकों का मानना है कि रबात की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों का आना संभव नहीं था। अंतरराष्ट्रीय संकट समूह के उत्तरी अफ्रीका निदेशक रिकार्डो फैबियानी ने कहा कि 'अब हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं कि रबात इस संकट में शामिल था'।

तुलनात्मक आंकड़े
वर्ष प्रवासियों की संख्या
202110,000 से अधिक
2026हजारों (सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं)
आंकड़े स्रोत से लिए गए हैं।

प्रभाव

इस घटनाक्रम से स्पेन और मोरक्को के बीच राजनयिक तनाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोरक्को स्पेन को यह संदेश देना चाहता है कि स्यूटा एक विवादित क्षेत्र है और उसे रबात के सहयोग की आवश्यकता है।

अमेरिका और इज़राइल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इज़राइल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डैनी डैनन ने स्पेन की आलोचना की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने नाटो शिखर सम्मेलन में स्पेन की आलोचना की थी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह स्पेन को सबक सिखाने की कोशिश हो सकती है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि मोरक्को और स्पेन के बीच बातचीत विफल रहती है, तो इसी तरह के संकट दोबारा आ सकते हैं। 2021 के संकट के बाद स्पेन ने पश्चिमी सहारा पर मोरक्को की योजना का समर्थन किया था, जिससे रिश्ते सुधरे थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और इज़राइल के दबाव में मोरक्को अपनी रणनीति बदल सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह संकट यूरोपीय संघ में विभाजन पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। फिलहाल, स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

स्रोत: thelocal.es

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