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पाकिस्तान में हिमस्खलन में मारे गए 10 पर्वतारोहियों के अवशेषों की तलाश जारी

खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाने से पाकिस्तान की टीमें ब्रॉड पीक पर मारे गए 10 पर्वतारोहियों के अवशेषों की तलाश पैदल कर रही हैं। आठ शव मिल चुके हैं, तीन को नीचे लाया गया है।

मुख्य तथ्य

मृतकों की संख्या
10
स्थान
ब्रॉड पीक, गिलगित-बाल्टिस्तान, पाकिस्तान
घटना की तारीख
गुरुवार (हिमस्खलन)
शव बरामद
8 पर्वतारोहियों के अवशेष मिले, 3 शव नीचे लाए गए
प्रभावित देश
नेपाल, ओमान, पाकिस्तान, चीन, ब्रिटेन, अमेरिका
विशेषज्ञता
निर्मल पुरजा (निम्स दाई) सहित मृतक

पृष्ठभूमि

पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में विश्व की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर गुरुवार को आए हिमस्खलन में 10 पर्वतारोहियों की मौत हो गई। मृतकों में नेपाल, ओमान, पाकिस्तान, चीन, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के नागरिक शामिल हैं।

अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने इस घटना को देश के इतिहास की सबसे घातक पर्वतारोहण आपदाओं में से एक बताया है। मृतकों में नेपाल में जन्मे पूर्व ब्रिटिश सेना सैनिक निर्मल पुरजा भी शामिल हैं, जिन्हें निम्स दाई के नाम से जाना जाता है। उनकी अभियान कंपनी ने शनिवार को कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के एक महान खिलाड़ी को खो दिया है।

वर्तमान स्थिति

क्षेत्रीय सरकार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि खराब मौसम के कारण दोपहर तक हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके, जिससे ब्रॉड पीक पर चल रहे खोज और बचाव अभियान में बाधा उत्पन्न हुई। हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर हैं, लेकिन उड़ान भरने में असमर्थ हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जमीनी टीमों ने आठ पर्वतारोहियों के अवशेषों का पता लगा लिया है और शनिवार को कम से कम तीन शवों को पहाड़ से नीचे लाया गया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार को मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वे इस त्रासदी से गहरे दुखी हैं।

मृत पर्वतारोहियों के देश
देश संख्या
नेपाल1
ओमान1
पाकिस्तान1
चीन1
ब्रिटेन1
अमेरिका1
कुल 10 मृतकों में से प्रत्येक देश से एक-एक पर्वतारोही की पुष्टि हुई है; शेष की राष्ट्रीयता स्पष्ट नहीं है।

प्रभाव

इस घटना ने उत्तरी पाकिस्तान में पर्वतारोहण के खतरों को उजागर किया है, जहां हिमस्खलन, गिरती बर्फ और चट्टानें, अत्यधिक ऊंचाई और तेजी से बदलते मौसम के कारण दुर्घटनाएं आम हैं। पिछले साल भी उत्तरी पाकिस्तान में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी K2 से उतरते समय एक चीनी पर्वतारोही की गिरती चट्टानों की चपेट में आने से मौत हो गई थी।

पाकिस्तान में विदेशी पर्वतारोहियों के शवों को आमतौर पर उनके परिवारों और सरकारों के अनुरोध पर निकाला जाता है। यदि परिवार बचाव से इनकार करता है, तो अवशेषों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है जहां पर्वतारोही की मृत्यु हुई थी। विदेश मंत्री डार ने बचाव और वसूली टीमों के अथक प्रयासों की सराहना की और कहा कि पाकिस्तान नेपाल, ओमान, ब्रिटेन और अमेरिका के दूतावासों के साथ समन्वय में चल रहे अभियान के लिए प्रतिबद्ध है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि मौसम में सुधार होता है, तो हेलीकॉप्टर उड़ान भर सकते हैं और खोज अभियान में तेजी आ सकती है। हालांकि, अगर मौसम खराब बना रहा, तो जमीनी टीमों को पैदल ही काम जारी रखना होगा, जिससे अभियान में और समय लग सकता है।

शेष दो पर्वतारोहियों के अवशेषों का पता लगाना अभी भी अनिश्चित है। यदि परिवारों की ओर से अनुरोध किया जाता है, तो शवों को नीचे लाने का प्रयास जारी रहेगा, अन्यथा उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जा सकता है। यह घटना पर्वतारोहण के जोखिमों और सुरक्षा उपायों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

स्रोत: netscape.com

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मृत पर्वतारोहियों के देश

संख्या
10.750.50.250111111नेपालनेपालओमानओमानपाकिस्तानपाकिस्तानचीनचीनब्रिटेनब्रिटेनअमेरिकाअमेरिका
नेपाल1
ओमान1
पाकिस्तान1
चीन1
ब्रिटेन1
अमेरिका1

अमेरिका1

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श्रेणीसंख्या
नेपाल1
ओमान1
पाकिस्तान1
चीन1
ब्रिटेन1
अमेरिका1

स्रोत:netscape.com स्रोत-समर्थित

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