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अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग ने पर्यावरणीय विश्लेषण को सुव्यवस्थित करने हेतु प्रस्तावित नियम जारी किया

अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग (NRC) ने NEPA के कार्यान्वयन हेतु प्रस्तावित नियम जारी किया है, जिससे अधिकांश लाइसेंसिंग कार्यों हेतु पर्यावरणीय समीक्षा का दायरा सीमित हो सकता है। सार्वजनिक टिप्पणियाँ 21 अगस्त तक आमंत्रित हैं।

अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग ने पर्यावरणीय विश्लेषण को सुव्यवस्थित करने हेतु प्रस्तावित नियम जारी किया
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मुख्य तथ्य

जारीकर्ता
परमाणु नियामक आयोग (NRC)
टिप्पणी की अंतिम तिथि
21 अगस्त
टिप्पणी करने का स्थान
regulations.gov
प्रमुख परिवर्तन
प्रभावों की परिभाषा, संघीय कार्रवाई की प्रकृति, श्रेणीबद्ध बहिष्करण, मसौदा पर्यावरणीय प्रभाव विवरण का उन्मूलन
संदर्भित सुप्रीम कोर्ट मामला
सेवन काउंटी इन्फ्रास्ट्रक्चर कोएलिशन बनाम ईगल काउंटी

पृष्ठभूमि

अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग (NRC) ने राष्ट्रीय पर्यावरण नीति अधिनियम (NEPA) के कार्यान्वयन हेतु अपने नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। यह मसौदा कार्यकारी आदेशों, विशेष रूप से कार्यकारी आदेश 14300, के अनुरूप लाइसेंसिंग समीक्षाओं को त्वरित करने के लिए तैयार किया गया है।

इसके अलावा, कांग्रेस द्वारा एजेंसी-तैयार पर्यावरणीय समीक्षाओं की लंबाई और प्रकृति पर लगाई गई सीमाएं तथा सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय, विशेष रूप से सेवन काउंटी इन्फ्रास्ट्रक्चर कोएलिशन बनाम ईगल काउंटी, ने इस मसौदे को आकार दिया है।

यदि यह नियम अंतिम रूप से लागू होता है और न्यायिक समीक्षा में बरकरार रहता है, तो यह मौजूदा और संभावित श्रेणीबद्ध बहिष्करणों के साथ मिलकर अधिकांश NRC लाइसेंसिंग कार्यों हेतु मामले-दर-मामले पर्यावरणीय समीक्षा को काफी हद तक कम या समाप्त कर सकता है।

वर्तमान स्थिति

प्रस्तावित नियम के अनुसार, NRC केवल उन पर्यावरणीय प्रभावों पर विचार करेगा जो एजेंसी के वैधानिक अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जैसे कि विकिरण सुरक्षा से संबंधित। एजेंसी ने धूल, शोर, और गैर-विकिरणीय जल, वायु गुणवत्ता और पारिस्थितिकी प्रभावों को ऐसे उदाहरणों के रूप में पहचाना है जिन पर विचार करना आवश्यक नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त, NRC ने 'प्रस्तावित कार्रवाई' की परिभाषा को बदलकर केवल अपने निर्णय (लाइसेंस स्वीकृत, शर्तों के साथ, या अस्वीकृत) को संघीय कार्रवाई माना है, न कि आवेदक की अंतर्निहित परियोजना को। इससे विकल्पों का विश्लेषण केवल 'कोई कार्रवाई नहीं' विकल्प तक सीमित हो जाएगा।

NRC ने श्रेणीबद्ध बहिष्करणों की सूची का विस्तार करने का भी प्रस्ताव किया है, जिसमें लाइसेंस नवीकरण, निर्माण परमिट, प्रारंभिक साइट परमिट और अन्य सामान्य लाइसेंसिंग गतिविधियाँ शामिल हैं। साथ ही, मसौदा पर्यावरणीय प्रभाव विवरण जारी करने की आवश्यकता को समाप्त करने का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित नियम के प्रमुख परिवर्तन
परिवर्तन विवरण
प्रभावों की परिभाषाकेवल विकिरण सुरक्षा से संबंधित प्रभावों पर विचार
संघीय कार्रवाई की प्रकृतिकेवल एजेंसी का निर्णय, आवेदक की परियोजना नहीं
श्रेणीबद्ध बहिष्करणलाइसेंस नवीकरण, निर्माण परमिट, प्रारंभिक साइट परमिट आदि का विस्तार
मसौदा पर्यावरणीय प्रभाव विवरणजारी करने की आवश्यकता समाप्त
स्रोत: natlawreview.com

प्रभाव

यदि यह नियम लागू होता है, तो NRC की पर्यावरणीय समीक्षा का दायरा काफी सीमित हो जाएगा, जिससे लाइसेंसिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, इससे पर्यावरणीय प्रभावों की अनदेखी हो सकती है, जैसे कि गैर-विकिरणीय प्रदूषण, जो स्थानीय समुदायों और पारिस्थितिकी तंत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।

विकल्पों के विश्लेषण में केवल 'कोई कार्रवाई नहीं' विकल्प पर विचार करने से परमाणु ऊर्जा के विकल्पों (जैसे जीवाश्म ईंधन) के पर्यावरणीय प्रभावों की तुलना असममित हो सकती है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया पक्षपाती हो सकती है।

सार्वजनिक टिप्पणी का अवसर समाप्त होने से नागरिकों और पर्यावरण संगठनों के पास एजेंसी के पर्यावरणीय विश्लेषण को चुनौती देने का एकमात्र माध्यम न्यायिक प्रक्रिया रह जाएगा।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि निचली अदालतें और अंततः सुप्रीम कोर्ट NRC के संकुचित दृष्टिकोण को स्वीकार कर लेते हैं, तो परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी आ सकती है। हालांकि, विरोधी पक्ष यह तर्क दे सकते हैं कि सेवन काउंटी निर्णय ने NEPA के दायरे को सीमित किया है, लेकिन परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय परिणामों पर विचार को समाप्त नहीं किया है।

यदि अदालतें इस नियम को खारिज कर देती हैं, तो NRC को अपनी पर्यावरणीय समीक्षा प्रक्रिया को व्यापक बनाना होगा, जिससे लाइसेंसिंग में देरी हो सकती है।

इसके अलावा, बियॉन्ड न्यूक्लियर बनाम NRC मामले में D.C. सर्किट का आगामी निर्णय श्रेणीबद्ध बहिष्करणों के विस्तार की वैधता को प्रभावित कर सकता है। यदि अदालत NRC के तर्क को अस्वीकार करती है, तो एजेंसी को व्यापक पर्यावरणीय विश्लेषण करने पड़ सकते हैं।

स्रोत: natlawreview.com

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