पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि वयस्क साथी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाला नाबालिग पुलिस सुरक्षा की मांग नहीं कर सकता। अदालत ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नाबालिग के साथ लिव-इन संबंध कानूनी रूप से मान्य नहीं है, और ऐसे मामलों में पुलिस सुरक्षा का अधिकार नहीं बनता। यह फैसला कानूनी प्रावधानों और नाबालिगों के संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित है।
अदालत ने आगे कहा कि नाबालिगों के साथ संबंध बनाना कानून के तहत दंडनीय है, और इसलिए ऐसे रिश्ते को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया।
स्रोत: indiatimes.com



