मुख्य तथ्य
- मतदान
- सीनेट न्यायपालिका समिति में आज सुबह ब्लैंच के नामांकन पर मतदान
- विरोध समाप्त
- रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन और थॉम टिलिस ने विरोध छोड़ा
- कोष का मुद्दा
- न्याय विभाग द्वारा अन्यायपूर्ण prosecution के मुआवजे का कोष बंद करने की लिखित पुष्टि
- सीनेट वोट
- सरकारी फंडिंग प्रस्ताव पर 89-4 वोट से विचार
- टैरिफ मुकदमा
- 25 राज्यों ने 10-12.5% टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया
पृष्ठभूमि
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व निजी वकील टॉड ब्लैंच अगले महान्यायवादी बनने की राह पर हैं। सीनेट न्यायपालिका समिति में उनके नामांकन पर आज सुबह मतदान होना है, जो पिछले सप्ताह स्थगित कर दिया गया था।
रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन और थॉम टिलिस ने ब्लैंच के स्थायी पद के लिए समर्थन देने से इनकार कर दिया था, जब तक कि न्याय विभाग और व्हाइट हाउस उस कोष को बंद करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते, जो उन लोगों को मुआवजा देने के लिए बनाया गया था जो मानते हैं कि उन्हें न्याय विभाग द्वारा अन्यायपूर्ण तरीके से prosecuted किया गया।
वर्तमान स्थिति
ब्लैंच का लिखित आदेश रविवार देर रात जारी किया गया, जो न्याय विभाग और उन रिपब्लिकन सीनेटरों के बीच दिनों की बातचीत के बाद आया, जिनका कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है।
कॉर्निन और टिलिस ने एक बयान में कहा, "हम श्री ब्लैंच और उनके स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करना चाहते हैं, और हम जल्द ही सीनेट न्यायपालिका समिति में उनके नामांकन को आगे बढ़ाने के लिए मतदान करने की उम्मीद करते हैं।"
ब्लैंच ने बार-बार कहा है कि न्याय विभाग उस कोष की योजना को रद्द कर रहा है, जिस पर द्विदलीय आक्रोश था क्योंकि 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी कैपिटल में पुलिस पर हमला करने वाले हिंसक दंगाइयों को भुगतान मिल सकता था। लेकिन संदेह करने वाले विधायकों ने कहा कि उन्हें चिंता है कि लिखित प्रतिबद्धता के बिना इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है, खासकर जब ट्रंप ने इस विचार का बचाव जारी रखा है।
| विवरण | संख्या/तिथि |
|---|---|
| सीनेट में फंडिंग प्रस्ताव पर वोट | 89-4 |
| टैरिफ की दर | 10% से 12.5% |
| टैरिफ से प्रभावित व्यापारिक साझेदार | 60 |
| मुकदमा दायर करने वाले राज्य | 25 |
| फंडिंग की अंतिम तिथि | 11 दिसंबर |
प्रभाव
इस समझौते से ब्लैंच की नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है, जिससे वह अमेरिका के अगले महान्यायवादी बन सकते हैं। इसका सीधा असर न्याय विभाग की नीतियों पर पड़ेगा, खासकर उन मामलों में जहां कोष का मुद्दा शामिल है।
इसके अलावा, सीनेट ने 89-4 वोट से सरकार को अस्थायी रूप से वित्तपोषित रखने वाले एक प्रस्ताव पर विचार करने का निर्णय लिया है, जो 11 दिसंबर तक सरकारी फंडिंग को मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा। इससे शरद ऋतु में सरकारी शटडाउन से बचने में मदद मिलेगी।
25 अमेरिकी राज्यों के गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जो 60 व्यापारिक साझेदारों से आयातित वस्तुओं पर 10% से 12.5% तक लगाए गए हैं। राज्यों ने इसे फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए आयात करों को बदलने का बहाना बताया है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि सीनेट न्यायपालिका समिति ब्लैंच के नामांकन को मंजूरी दे देती है, तो पूर्ण सीनेट में मतदान होगा, जहां रिपब्लिकन बहुमत के कारण उनकी पुष्टि होने की संभावना है। हालांकि, अगर कोई नया विवाद सामने आता है, तो प्रक्रिया में और देरी हो सकती है।
सरकारी फंडिंग प्रस्ताव पर सीनेट में बहस और अंतिम मतदान होना है। यदि यह पारित हो जाता है, तो 11 दिसंबर तक सरकारी कामकाज सुचारू रहेगा, लेकिन यदि इसमें बाधा आती है, तो शटडाउन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
टैरिफ मामले में, अदालत का फैसला आने तक टैरिफ लागू रह सकते हैं, जिससे व्यापारिक साझेदारों और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है। यदि अदालत टैरिफ को अवैध घोषित करती है, तो सरकार को पहले से वसूले गए शुल्क वापस करने पड़ सकते हैं।
स्रोत: theguardian.com



