मुख्य तथ्य
- बंद सड़कें
- 153
- खराब ट्रांसफार्मर
- 191
- प्रभावित जलापूर्ति योजनाएं
- 58
- सबसे अधिक बंद सड़कें (मंडी)
- 51
- सबसे अधिक खराब ट्रांसफार्मर (सिरमौर)
- 143
- सोमवार शाम बंद सड़कें
- 109
पृष्ठभूमि
हिमाचल प्रदेश में मानसून का सक्रिय दौर जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से मंगलवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश के कारण प्रदेश भर में 153 सड़कें बंद हैं, 191 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) खराब हैं और 58 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं।
बंद सड़कों में सबसे अधिक संख्या मंडी जिले की है, जहां 51 सड़कें बंद हैं। इसके बाद सिरमौर में 39, कुल्लू में 36 और शिमला में 15 सड़कें बंद हैं। सोमवार शाम तक यह संख्या 109 थी, जो मंगलवार सुबह बढ़कर 157 हो गई थी, और अब मामूली सुधार के साथ 153 पर पहुंच गई है।
वर्तमान स्थिति
बिजली आपूर्ति पर भी मानसून का व्यापक असर पड़ा है। प्रदेश में 191 वितरण ट्रांसफार्मर खराब हैं, जिनमें सबसे अधिक 143 सिरमौर जिले में हैं। मंडी में 35 और शिमला में 12 ट्रांसफार्मर खराब हैं। पेयजल आपूर्ति भी बाधित है, 58 जलापूर्ति योजनाएं गैर-कार्यशील हैं, जो दिन में पहले प्रभावित 28 योजनाओं से दोगुनी से अधिक हैं। सिरमौर में सबसे अधिक 28 योजनाएं प्रभावित हैं, जबकि शिमला में 19।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम तक कोई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद नहीं था। मंडी, सिरमौर, शिमला, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और ऊना सहित कई जिले प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों को साफ करने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त जल बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
| जिला | बंद सड़कें | खराब ट्रांसफार्मर | प्रभावित जलापूर्ति योजनाएं |
|---|---|---|---|
| मंडी | 51 | 35 | जानकारी उपलब्ध नहीं |
| सिरमौर | 39 | 143 | 28 |
| कुल्लू | 36 | जानकारी उपलब्ध नहीं | जानकारी उपलब्ध नहीं |
| शिमला | 15 | 12 | 19 |
प्रभाव
बंद सड़कों और खराब बिजली ट्रांसफार्मर से प्रभावित जिलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों के बंद होने से यातायात ठप है, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। बिजली आपूर्ति ठप होने से घरों, दुकानों और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है।
जलापूर्ति योजनाओं के ठप होने से कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। सिरमौर और शिमला जैसे जिलों में पानी की आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने राहत और बहाली कार्य तेजी से जारी रखने का दावा किया है।
आगे की संभावना
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में और बारिश का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने सोमवार को शिमला में बताया कि राज्य अगले चार से पांच दिनों तक सक्रिय मानसून के प्रभाव में रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि 3 से 7 अगस्त के दौरान सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों में पूरे हिमाचल प्रदेश में बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, लेकिन अभी तक राज्य के लिए कोई फ्लैश फ्लड चेतावनी जारी नहीं की गई है। अधिकारियों ने लोगों और यात्रियों को भूस्खलन और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्रोत: indiagazette.com
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जिलेवार प्रभावित सड़कें, ट्रांसफार्मर और जलापूर्ति योजनाएं
शिमला15
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | बंद सड़कें |
|---|---|
| मंडी | 51 |
| सिरमौर | 39 |
| कुल्लू | 36 |
| शिमला | 15 |
स्रोत:indiagazette.com स्रोत-समर्थित



