मुख्य तथ्य
- वर्तमान में बंद
- 46 सीरियाई नागरिक
- जुलाई में रिहा
- 4 सीरियाई नागरिक
- 2024 से कुल गिरफ्तारियां
- कम से कम 187 लोग
- इजरायली सैन्य चौकियां
- 10
- महमूद अल-सय्यद की हिरासत
- 15 नवंबर 2025 से 19 जनवरी 2026
पृष्ठभूमि
दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद इजरायल ने सीरिया के पड़ोसी क्षेत्रों कुनेइत्रा और दारा में घुसपैठ शुरू कर दी। तेल अवीव ने 1974 के विघटन समझौते का पालन नहीं करने की घोषणा की, जिसके बाद ये घुसपैठें हुईं।
इजरायल ने सीरियाई क्षेत्रों में दस उन्नत सैन्य चौकियां स्थापित की हैं और कई घुसपैठ, घरों पर छापे और नागरिकों की गिरफ्तारियां की हैं। सीरियाई सिजिल केंद्र, जो गिरफ्तारियों का रिकॉर्ड रखता है, के अनुसार 2024 से इजरायली बलों ने कम से कम 187 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से अधिकांश को रिहा कर दिया गया है।
वर्तमान स्थिति
असद के पतन के बाद से विभिन्न समय पर गिरफ्तार किए गए 46 सीरियाई नागरिक अब भी इजरायली जेलों में बंद हैं। जुलाई में इजरायल ने चार सीरियाई नागरिकों को रिहा किया, जिन्हें एक वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया था। ये सभी इजरायली घुसपैठ के दौरान गिरफ्तार किए गए थे।
रिहा किए गए एक व्यक्ति के रिश्तेदार ने अशर्क अल-अवसत को बताया कि अधिकांश बंदियों को यह भी नहीं पता कि उन्हें क्यों पकड़ा गया। उनसे पूछताछ नहीं की गई। हालांकि, उन्होंने बताया कि इजरायली कैदियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया, उन्हें दिन में तीन बार भोजन दिया गया और कपड़े बदलने की अनुमति दी गई।
सीरियाई वकील अहमद अल-मूसा, जो हिरासतों पर नज़र रख रहे हैं, ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून इन गिरफ्तारियों को जबरन गायब करना मानता है। उन्होंने अशर्क अल-अवसत को बताया कि 46 सीरियाई इजरायली जेलों में जबरन गायब हैं। उन्होंने इन गिरफ्तारियों का दस्तावेजीकरण संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और संयुक्त राष्ट्र समिति को सौंपा है।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| वर्तमान में बंद | 46 |
| जुलाई में रिहा | 4 |
| 2024 से कुल गिरफ्तारियां | 187 |
प्रभाव
कुनेइत्रा के खान अर्नाबा निवासी महमूद अल-सय्यद को उनके बेटे और भाई के साथ 15 नवंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। उनके बेटे को अगले दिन रिहा कर दिया गया, जबकि वह और उनके भाई को सदे तेमन हिरासत शिविर में रखा गया और 19 जनवरी 2026 को रिहा किया गया।
अल-सय्यद ने बताया कि उन्हें संभवतः इजरायल के लिए काम करने वाले मुखबिरों द्वारा दी गई झूठी सूचना के कारण गिरफ्तार किया गया था। हिरासत के दौरान एक बार उनसे पूछताछ की गई, जिसमें जानकारी झूठी पाई गई और उन्हें रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ कभी दुर्व्यवहार नहीं हुआ और उन्हें दैनिक प्रार्थना और कुरान पढ़ने की अनुमति दी गई। वह लगभग 16 अन्य लोगों के साथ रखे गए थे।
इजरायल अक्सर सशस्त्र समूहों के संदिग्ध सदस्यों की तलाश में छापे और गिरफ्तारियां करता है, जिन्हें वह अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इससे सीरियाई नागरिकों में भय और अनिश्चितता बढ़ी है, और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों के उल्लंघन की चिंता पैदा हुई है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि इजरायल अपनी सैन्य उपस्थिति और गिरफ्तारियां जारी रखता है, तो बंदियों की संख्या बढ़ सकती है और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र को दिए गए दस्तावेजों के आधार पर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन मामलों पर ध्यान दे सकता है और जवाबदेही की मांग कर सकता है।
यदि इजरायल 1974 के समझौते पर लौटता है और घुसपैठ बंद करता है, तो नई गिरफ्तारियां रुक सकती हैं और वर्तमान बंदियों की रिहाई की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इजरायल अपनी वर्तमान नीति में बदलाव करेगा या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तो इजरायल को बंदियों की स्थिति स्पष्ट करनी पड़ सकती है या उन्हें रिहा करना पड़ सकता है। लेकिन यह केवल एक संभावना है, और वास्तविक परिणाम कई कारकों पर निर्भर करेगा।
स्रोत: aawsat.com
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गिरफ्तारी और रिहाई का विवरण
2024 से कुल गिरफ्तारियां187
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| वर्तमान में बंद | 46 |
| जुलाई में रिहा | 4 |
| 2024 से कुल गिरफ्तारियां | 187 |
स्रोत:aawsat.com स्रोत-समर्थित



