मुख्य तथ्य
- प्रतिमा का मूल्य
- £3.1m
- बिक्री की समय सीमा
- 1 दिसंबर
- प्रतिमा का निर्माता
- एडमे बाउचार्डन
- विषय
- सर जॉन गॉर्डन
- वर्तमान स्वामी
- हाइलैंड काउंसिल
- अनुदान से इनकार
- नेशनल हेरिटेज मेमोरियल फंड और नेशनल लॉटरी हेरिटेज फंड
पृष्ठभूमि
हाइलैंड काउंसिल ने 18वीं सदी की एक संगमरमर की प्रतिमा को बिक्री के लिए रखा है, जिसे फ्रांसीसी कलाकार एडमे बाउचार्डन ने बनाया था। यह प्रतिमा सर जॉन गॉर्डन की है, जिनके परिवार ने सदरलैंड और रॉस-शायर में बड़ी भूमि holdings रखी थी और क्रॉमार्टी फ़र्थ पर इनवरगॉर्डन शहर की स्थापना की थी।
गॉर्डन 1728 में रोम में बाउचार्डन से मिले थे, जब वे यूरोप की यात्रा पर थे, और यह प्रतिमा उसी समय बनाई गई थी। इनवरगॉर्डन टाउन काउंसिल ने 1930 में इसे £5 में खरीदा था, लेकिन बाद में इसे एक औद्योगिक एस्टेट में संग्रहीत कर दिया गया। कहा जाता है कि इसका उपयोग एक शेड का दरवाज़ा खुला रखने के लिए किया गया था।
जब प्रतिमा का मूल्य पूरी तरह से समझा गया, तो हाइलैंड काउंसिल ने इसे बेचने का फैसला किया, और बिक्री से प्राप्त धन इनवरगॉर्डन समुदाय की मदद के लिए जाना था।
वर्तमान स्थिति
इनवरगॉर्डन नेवल म्यूज़ियम और हेरिटेज सेंटर इस प्रतिमा को इनवरगॉर्डन में रखना चाहता है, लेकिन उसे £3.1m जुटाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बिक्री समझौते की शर्तों के तहत, संग्रहालय को 1 दिसंबर तक यह राशि जुटानी है, लेकिन उसने 'गंभीर गतिरोध' की बात कही है।
संग्रहालय के ट्रस्टियों ने नेशनल हेरिटेज मेमोरियल फंड और नेशनल लॉटरी हेरिटेज फंड से अनुदान मांगा था, लेकिन उन्हें बताया गया कि यह संभव नहीं है। विरासत निकायों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित अनुदान का उपयोग सार्वजनिक संग्रह या सार्वजनिक ट्रस्ट की संपत्तियों की व्यावसायिक बिक्री को सक्षम करने के लिए नहीं किया जा सकता।
संग्रहालय ने हाइलैंड काउंसिल की परामर्श प्रक्रिया और प्रतिमा को व्यावसायिक रूप से बेचने के फैसले की आलोचना की है। संग्रहालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हाइलैंड काउंसिल की सांप्रदायिक संपत्ति को भुनाने की जल्दबाजी ने पूरी व्यवस्था को तोड़ दिया है।'
| विवरण | मान |
|---|---|
| प्रतिमा की कीमत (1930 में खरीद) | £5 |
| वर्तमान मांग मूल्य | £3.1m |
| बिक्री की समय सीमा | 1 दिसंबर |
प्रभाव
यदि संग्रहालय £3.1m जुटाने में विफल रहता है, तो प्रतिमा को बेचा जा सकता है, जिससे यह इनवरगॉर्डन से बाहर जा सकती है। संग्रहालय का कहना है कि समुदाय को उसकी अपनी संपत्ति वापस खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि उसे राष्ट्रीय खजाने को संरक्षित करने के लिए बनाए गए अनुदानों से वंचित किया जा रहा है।
संग्रहालय ने स्कॉटिश मंत्रियों से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है और एक ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियान शुरू किया है। हाइलैंड काउंसिल ने कहा है कि उसने सभी कानूनी, शासन और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं का पालन किया है, और सांविधिक सार्वजनिक परामर्श किया था, जिसमें अधिकांश उत्तरदाताओं ने बिक्री के पक्ष में थे।
काउंसिल ने शेरिफ कोर्ट में बिक्री के लिए अधिकार मांगने के लिए आवेदन किया था, और कहा कि उस प्रक्रिया के दौरान कोई आपत्ति नहीं मिली और शेरिफ ने प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी दे दी।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि संग्रहालय 1 दिसंबर तक £3.1m जुटाने में सफल हो जाता है, तो प्रतिमा इनवरगॉर्डन में रह सकती है। हालांकि, अनुदान से इनकार के कारण यह संभावना कमजोर दिखती है, जब तक कि क्राउडफंडिंग या स्कॉटिश सरकार का हस्तक्षेप पर्याप्त धन नहीं जुटा पाता।
स्कॉटिश सरकार ने कहा है कि वह बाउचार्डन बस्ट के संबंध में उठाई गई चिंताओं से अवगत है और उचित अगले कदम निर्धारित करने के लिए प्रासंगिक पक्षों के साथ बातचीत कर रही है। यदि सरकार हस्तक्षेप करती है, तो बिक्री प्रक्रिया पर पुनर्विचार हो सकता है या अनुदान के विकल्प खोजे जा सकते हैं।
यदि संग्रहालय धन जुटाने में विफल रहता है, तो प्रतिमा किसी निजी खरीदार को बेची जा सकती है, जिससे यह सार्वजनिक दृष्टि से बाहर हो सकती है। यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि आगे क्या होगा, लेकिन संग्रहालय और काउंसिल के बीच बातचीत या कानूनी चुनौती की संभावना बनी हुई है।
स्रोत: bbc.co.uk



