मुख्य तथ्य
- कुल जब्त मसाले
- 25,300 किलोग्राम से अधिक
- जब्त कच्चा माल
- 89,150 किलोग्राम
- निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठान
- 13
- गिरफ्तार व्यक्ति
- 3
- दर्ज मामले
- 3
- मिलावट के तरीके
- कपड़े के रंग, तालकम पाउडर, औद्योगिक रंग, सिंथेटिक रंग
पृष्ठभूमि
हैदराबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय के तहत कार्यरत हैदराबाद खाद्य मिलावट निगरानी दल (H-FAST) ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) की खाद्य सुरक्षा टीम के साथ मिलकर शहर में मसाला व्यापार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई, जिसमें मसालों की खरीद, प्रसंस्करण और थोक या खुदरा बिक्री में लगे 13 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को बताया कि यह अभियान उन व्यापारियों के खिलाफ चलाया गया जो मसालों में मिलावट कर मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कृत्यों में लिप्त थे। जांच के दौरान कपड़े की रंगाई में इस्तेमाल होने वाले रंग, तालकम पाउडर, औद्योगिक रंग और सिंथेटिक रंगों से मसालों को दूषित पाया गया।
वर्तमान स्थिति
जब्त किए गए मसालों में 7,920 किलोग्राम अजवाइन, 6,700 किलोग्राम जीरा, 4,960 किलोग्राम सरसों, 2,350 किलोग्राम जीरा पाउडर, 2,280 किलोग्राम शाहजीरा, 550 किलोग्राम लौंग और 540 किलोग्राम सौंफ शामिल हैं। इसके अलावा, मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाला 89,150 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया गया।
एक निर्माण इकाई में घटिया और अस्वीकृत सरसों के स्टॉक में कपड़े का रंग, तालकम पाउडर और तेल मिलाकर उसकी चमक, वजन और मात्रा बढ़ाई जा रही थी। अन्य इकाइयों में लौंग और शाहजीरा को सिंथेटिक रंगों से लेपित कर उन्हें चमकदार और प्रीमियम रूप दिया जा रहा था। शाहजीरा, अजवाइन और अन्य आवश्यक मसालों में स्थायी औद्योगिक रंगों का उपयोग पाया गया।
पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए हैं और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कतेदान निवासी राहुल भाटी तथा बेगम बाजार निवासी विशाल पंवार और दुलीचंद कच्छावा के रूप में हुई है। संदिग्ध मसालों को रासायनिक योजकों के साथ प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए भेजा गया है।
| मसाला | मात्रा (किलोग्राम) |
|---|---|
| अजवाइन | 7,920 |
| जीरा | 6,700 |
| सरसों | 4,960 |
| जीरा पाउडर | 2,350 |
| शाहजीरा | 2,280 |
| लौंग | 550 |
| सौंफ | 540 |
प्रभाव
इस कार्रवाई से मसाला व्यापार में लगे उन व्यापारियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा जो मिलावट करके मुनाफा कमाते थे। जब्त किए गए मसालों की बड़ी मात्रा से यह संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही इन्हें बाजार से हटा लिया गया है, जिससे जनस्वास्थ्य को होने वाला खतरा कम हुआ है।
मिलावटी मसालों में इस्तेमाल किए गए कपड़े के रंग, औद्योगिक रंग और तालकम पाउडर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनके सेवन से दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस अभियान से उन उपभोक्ताओं को राहत मिली है जो इन मसालों का उपयोग करते थे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन मसालों का वितरण किन-किन क्षेत्रों में हुआ था।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि प्रयोगशाला विश्लेषण में मिलावट की पुष्टि होती है, तो आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इससे भविष्य में इस तरह की मिलावट पर अंकुश लग सकता है।
H-FAST की ओर से जारी टोल-फ्री नंबर 8712661212 और एक्स हैंडल @HFastHCP के माध्यम से नागरिक मिलावट की सूचना दे सकते हैं। यदि इस तरह की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई होती है, तो मिलावटी मसालों का कारोबार और अधिक प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह अभियान अन्य शहरों में भी चलाया जाएगा और क्या मसाला उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियामक बदलाव होंगे। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त किए गए मसालों का अंतिम निपटान कैसे किया जाएगा।
स्रोत: thehindu.com
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जब्त मसालों की मात्रा
सौंफ540 किलोग्राम
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | जब्त मात्रा |
|---|---|
| अजवाइन | 7,920 किलोग्राम |
| जीरा | 6,700 किलोग्राम |
| सरसों | 4,960 किलोग्राम |
| जीरा पाउडर | 2,350 किलोग्राम |
| शाहजीरा | 2,280 किलोग्राम |
| लौंग | 550 किलोग्राम |
| सौंफ | 540 किलोग्राम |
स्रोत:हैदराबाद पुलिस प्रेस नोट, 4 अगस्त 2026 स्रोत-समर्थित



