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एयर इंडिया पर आरोप: किशोरी को एपिलेप्सी के कारण दुबई-दिल्ली फ्लाइट से उतारा गया

दुबई से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 406 से एक किशोरी को एपिलेप्सी की जानकारी देने पर उतार दिया गया। पिता प्रवीण स्वामी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाते हुए आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। एयर इंडिया ने आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

एयर इंडिया पर आरोप: किशोरी को एपिलेप्सी के कारण दुबई-दिल्ली फ्लाइट से उतारा गया
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

घटना
दुबई-दिल्ली फ्लाइट AI 406 से किशोरी को एपिलेप्सी के कारण उतारा गया
पिता
प्रवीण स्वामी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया
कानूनी चेतावनी
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत आपराधिक कार्रवाई की बात
एयरलाइन का रुख
आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं, एक्स पर जांच का आश्वासन
वेबसाइट पर नियम
एपिलेप्सी के 24 घंटे बाद नियंत्रित होने पर दवा लेने की सलाह

पृष्ठभूमि

नई दिल्ली: मंगलवार को दुबई से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 406 से एक किशोरी को उसकी एपिलेप्सी (मिर्गी) की स्थिति के कारण उतार दिए जाने का आरोप लगा है। किशोरी के पिता प्रवीण स्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की जानकारी दी और एयरलाइन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी।

स्वामी ने अपने पोस्ट में कहा कि उनकी बेटी ने फ्लाइट के क्रू को बताया कि उसे एपिलेप्सी है, जो नियंत्रित है। उन्होंने बताया कि उनके पास आपातकालीन दवा है और उन्हें वर्षों से दौरा नहीं पड़ा है। परिवार ने दुनिया भर में यात्रा की है, लेकिन किसी एयरलाइन ने ऐसा 'फिट टू फ्लाई' प्रमाणपत्र नहीं मांगा था।

वर्तमान स्थिति

प्रवीण स्वामी ने एक्स पर कई पोस्ट में आरोप लगाया कि एयर इंडिया 'बेमतलब का मेडिकल सर्टिफिकेट' मांग रही है, जबकि कोई डॉक्टर किसी हमले की भविष्यवाणी नहीं कर सकता। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री को भी टैग किया और कहा कि उनकी बेटी को 'आदिम और बर्बर' रवैये का सामना करना पड़ा।

स्वामी ने कहा कि वह 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' के तहत एयर इंडिया के क्रू के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि किशोरी को बाद में एयर इंडिया ने सुबह की एक अन्य फ्लाइट में स्थान दिया। स्वामी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को सच बोलने की सजा मिली और एक डॉक्टर को झूठ बोलकर उसे बचाना पड़ा।

एयर इंडिया ने इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, एयरलाइन ने एक्स पर पिता को जवाब दिया कि उनकी चिंता पर गौर किया जाएगा। स्वामी ने बाद में कहा कि एयर इंडिया का एक कर्मचारी मामले को सुलझा रहा है।

घटना से जुड़े प्रमुख विवरण
विवरण जानकारी
फ्लाइट नंबरAI 406
मार्गदुबई-दिल्ली
तारीखमंगलवार (स्रोत के अनुसार)
यात्रीकिशोरी (एपिलेप्सी से पीड़ित)
पिता का नामप्रवीण स्वामी
एयरलाइन की प्रतिक्रियाआधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं, एक्स पर जांच का आश्वासन
सभी जानकारी स्रोत समाचार रिपोर्ट से ली गई है।

प्रभाव

इस घटना ने एयरलाइनों द्वारा एपिलेप्सी जैसी स्थितियों वाले यात्रियों के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्स पर यह पोस्ट वायरल हो गई और कई लोगों ने एयर इंडिया के व्यवहार को 'अस्वीकार्य' बताया।

एक उपयोगकर्ता जगन मोहन ने बताया कि एयर इंडिया की वेबसाइट पर एपिलेप्सी के मरीजों के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है। वेबसाइट के अनुसार, 'एपिलेप्टिक एपिसोड के 24 घंटे बाद, यदि नियंत्रित हो, तो (व्यक्ति) को फ्लाइट से पहले दवा की एक खुराक लेनी चाहिए।' इससे एयरलाइन की नीति और व्यवहार में विसंगति का संकेत मिलता है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि एयर इंडिया अपनी नीतियों की समीक्षा नहीं करती है, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं और एयरलाइन को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वामी ने आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे मामला अदालत तक जा सकता है।

यदि एयरलाइन अपने नियमों में बदलाव करती है और एपिलेप्सी जैसी स्थितियों वाले यात्रियों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करती है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एयर इंडिया इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगी या नहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइनों को चिकित्सा स्थितियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और यात्रियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करना चाहिए। यदि नियमों में सुधार नहीं हुआ, तो इस तरह के विवाद बढ़ सकते हैं।

स्रोत: newindianexpress.com

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