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आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। राज्य में बाढ़ और भूस्खलन से सात लोगों की मौत हुई है और 1,55,850 लोग प्रभावित हैं।

मुख्य तथ्य

अलर्ट का प्रकार
ऑरेंज अलर्ट
प्रभावित जिले
पपुम पारे (बहुत भारी बारिश), पूर्वी कामेंग (भारी बारिश)
मौसम की अवधि
अगले दो दिन
मौतें
7
प्रभावित लोग
1,55,850
प्रभावित गांव
674

पृष्ठभूमि

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट तब आया है जब राज्य में मानसून की गतिविधियां जारी हैं, हालांकि सप्ताह के अंत तक इनके कमजोर पड़ने की उम्मीद है।

राज्य इस समय मानसून के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से जूझ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मौसम में अब तक सात लोगों की जान गई है, जबकि 28 जिलों के 382 मंडलों में स्थित 674 गांवों में फैले 1,55,850 लोग प्रभावित हुए हैं।

वर्तमान स्थिति

आईएमडी के अनुसार, मंगलवार को पपुम पारे जिले में बहुत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि पूर्वी कामेंग में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। कई अन्य जिलों में पीला अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ जिले अभी भी ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि बुधवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है, और गुरुवार से मौसम में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इस बीच, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाढ़ और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें, यात्रा से पहले सड़कों की स्थिति की जांच करें, और भारी बारिश के दौरान बाढ़ वाली सड़कों, अंडरपास या तेज बहाव वाली नदियों को पार करने से परहेज करें।

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित आंकड़े
विवरण संख्या
मौतें7
प्रभावित लोग1,55,850
प्रभावित गांव674
प्रभावित मंडल382
प्रभावित जिले28
आंकड़े आधिकारिक स्रोत से प्राप्त हैं।

प्रभाव

इस अलर्ट का सीधा असर अरुणाचल प्रदेश के पपुम पारे और पूर्वी कामेंग जिलों के निवासियों पर पड़ सकता है, जहां भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पहले से ही बाढ़ से प्रभावित 1,55,850 लोगों के लिए यह स्थिति और गंभीर हो सकती है, क्योंकि नई बारिश से राहत कार्यों में बाधा आ सकती है।

आपदा प्रबंधन विभाग की सलाह का पालन करते हुए, स्थानीय प्रशासन को यातायात और नागरिक सुरक्षा के मामले में सतर्क रहने की आवश्यकता है। बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में स्कूलों और कार्यालयों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है, हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

भविष्य की स्थिति

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार से बारिश में कमी आती है और गुरुवार से मौसम में सुधार होता है, तो बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति में धीरे-धीरे राहत मिल सकती है। हालांकि, यदि बारिश जारी रहती है, तो प्रभावित क्षेत्रों में और अधिक नुकसान होने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार, मानसून गतिविधि सप्ताह के अंत तक कमजोर पड़ने की उम्मीद है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या सभी जिलों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। यदि मौसम साफ रहता है, तो राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आ सकती है, लेकिन अगले कुछ दिनों में स्थिति पर बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है।

स्रोत: sentinelassam.com

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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित आंकड़े

संख्या
1,55,8501,16,887.577,92538,962.5071,55,85067438228मौतेंमौतेंप्रभावित लोगप्रभावित लोगप्रभावित गांवप्रभावित गांवप्रभावित मंडलप्रभावित मंडलप्रभावित जिलेप्रभावित जिले
मौतें7
प्रभावित लोग1,55,850
प्रभावित गांव674
प्रभावित मंडल382
प्रभावित जिले28

प्रभावित जिले28

सटीक आंकड़े देखें
श्रेणीसंख्या
मौतें7
प्रभावित लोग1,55,850
प्रभावित गांव674
प्रभावित मंडल382
प्रभावित जिले28

स्रोत:sentinelassam.com स्रोत-समर्थित

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