वाशिंगटन — अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज़ की लारा ट्रंप के साथ साक्षात्कार में वेनेजुएला के पुनर्निर्माण की तीन-चरणीय योजना पेश की और क्यूबा पर अमेरिका में जासूसी और विरोध प्रदर्शनों को उकसाने का आरोप लगाया।
रुबियो ने कहा कि पहला चरण मादुरो के बाद देश को गृह युद्ध या सामूहिक पलायन से बचाना है। दूसरा चरण आर्थिक सुधार है, जिसमें निवेशकों के लिए कानूनी और नियामक ढांचा तैयार करना शामिल है। तीसरा चरण लोकतांत्रिक संक्रमण है, जिसमें हर स्तर पर चुनाव कराना शामिल है।
रुबियो ने क्यूबा को '21वीं सदी का साम्यवाद की राजधानी' बताते हुए दावा किया कि क्यूबा अमेरिकी विरोध प्रदर्शनों में भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राजदूत विक्टर मैनुअल रोचा और पूर्व रक्षा खुफिया एजेंसी विश्लेषक एना बेलेन मोंटेस का उदाहरण दिया, जिन्हें क्यूबा के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया था।
हालांकि, रुबियो के इस दावे का कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं है कि क्यूबा ने अमेरिकी विरोध प्रदर्शनों को वित्त पोषित या आयोजित किया। विदेश विभाग की रिपोर्ट की भी आलोचना हुई है, जिसमें डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका ने इसे घरेलू आलोचकों को विदेशी एजेंट बताने की कोशिश करार दिया है।
वेनेजुएला में मादुरो को 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने कराकस से गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क भेजा था। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पदभार संभाला है, लेकिन अभी तक चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है। रुबियो की योजना के बावजूद, अंतरिम सरकार ने चुनावी समयसीमा पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है।
स्रोत: latintimes.com



