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ओबुरु ने उपराष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश की, ODM ने रूटो को समर्थन देने की घोषणा की

ODM नेता ओबुरु ओगिंगा ने उपराष्ट्रपति पद की मांग की है, जबकि पार्टी ने 2027 के चुनाव में राष्ट्रपति रूटो का समर्थन करने की बात कही है। पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन अन्य पदों पर बातचीत जारी रहेगी।

मुख्य तथ्य

ODM का रुख
ODM 2027 के चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगा और रूटो का समर्थन करेगा।
ओबुरु की मांग
ओबुरु ने उपराष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश की और कहा, 'क्या मैं नंबर दो नहीं बन सकता?'
अराती का बयान
ODM उपराष्ट्रपति पद UDA को नहीं छोड़ेगा, जब तक रूटो या किंडिकी ODM में शामिल नहीं होते।
50-50 फॉर्मूला
अराती ने कहा कि चुनावी समझौते में 50-50 हिस्सेदारी होनी चाहिए।
संभावित उम्मीदवार
हसन जोहो, वायक्लिफ ओपरान्या और ओबुरु ओगिंगा उपराष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी में शामिल।

पृष्ठभूमि

ODM नेता ओबुरु ओगिंगा ने कहा है कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए तैयार हैं, क्योंकि पार्टी ने राष्ट्रपति विलियम रूटो के दोबारा चुनाव का समर्थन करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ODM 2027 के आम चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी, बल्कि रूटो का समर्थन करेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब व्यापक सरकार में ODM और UDA के बीच राजनीतिक सहयोग के भविष्य को लेकर चर्चा तेज है। यह गठबंधन राष्ट्रपति रूटो और पूर्व ODM नेता राइला ओडिंगा के बीच राजनीतिक वार्ता के बाद बना था, जिसमें कई ODM सदस्यों को कैबिनेट और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्त किया गया था।

वर्तमान स्थिति

ओबुरु ने मंगलवार को स्टेट हाउस में राष्ट्रपति रूटो द्वारा देश भर के गांव के बुजुर्गों की मेजबानी के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "इस बार ODM कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा क्योंकि हम राष्ट्रपति विलियम रूटो का समर्थन करेंगे। अन्य सभी पदों पर बातचीत हो सकती है, खासकर नंबर दो का पद। क्या आपको नहीं लगता कि मैं नंबर दो बनने के योग्य हूं? क्या मैं नंबर दो नहीं बन सकता?"

ODM के उप नेता सिम्बा अराती ने कहा कि पार्टी 2027 के चुनाव में उपराष्ट्रपति पद UDA को नहीं छोड़ेगी, जब तक कि राष्ट्रपति रूटो या उपराष्ट्रपति किंडिकी ODM में शामिल नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि अगर रूटो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं, तो उपराष्ट्रपति पद ODM के पास होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति पद के लिए चर्चित नाम
नाम पद
हसन जोहोखनन, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री मामलों के कैबिनेट सचिव
वायक्लिफ ओपरान्यासहकारिता और MSME कैबिनेट सचिव
ओबुरु ओगिंगाODM पार्टी नेता
स्रोत: the-star.co.ke

प्रभाव

इस बयान से ODM और UDA के बीच सत्ता-साझेदारी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है, क्योंकि अराती ने 50-50 फॉर्मूले की बात कही है। उन्होंने कहा, "हमने उनसे कहा है कि यह 50-50 होना चाहिए। अगर रूटो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं, तो उपराष्ट्रपति हमारी तरफ से होना चाहिए।"

अराती ने उपराष्ट्रपति पद के लिए ODM के कई नेताओं के नाम गिनाए, जिनमें खनन, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री मामलों के कैबिनेट सचिव हसन जोहो, सहकारिता और MSME कैबिनेट सचिव वायक्लिफ ओपरान्या और पार्टी नेता ओबुरु ओगिंगा शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन नामों पर पार्टी के भीतर आम सहमति बनी है या नहीं।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि ODM और UDA के बीच बातचीत जारी रहती है, तो उपराष्ट्रपति पद को लेकर समझौता संभव है, लेकिन यह दोनों पार्टियों की राजनीतिक ताकत और सौदेबाजी पर निर्भर करेगा। अगर रूटो और किंडिकी ODM में शामिल नहीं होते हैं, तो ODM अपनी मांग पर अड़ा रह सकता है, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर ODM उपराष्ट्रपति पद हासिल करने में सफल हो जाता है, तो यह पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो सकता है। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि दोनों पार्टियां किस फॉर्मूले पर सहमत होती हैं।

स्रोत: the-star.co.ke

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