मुख्य तथ्य
- प्रशिक्षण का स्थान
- त्रिंकोमाली, श्रीलंका
- प्रशिक्षण का प्रकार
- जहाज़ अपहरण, सांप पकड़ना, VBSS
- अमेरिकी इकाइयाँ
- USARPAC, 18वीं थिएटर मेडिकल कमांड
- डेंगू प्रशिक्षण
- कोलंबो में आयोजित
- व्यापार घाटा
- 1 अरब डॉलर प्रति वर्ष
पृष्ठभूमि
लंकावेब की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने श्रीलंकाई सशस्त्र बलों को जहाज़ अपहरण और सांपों से निपटने का प्रशिक्षण दिया है। यह प्रशिक्षण अमेरिकी युद्धाभ्यास के हिस्से के रूप में त्रिंकोमाली के तट पर आयोजित किया गया, जिसमें 'विज़िट, बोर्ड, सर्च एंड सीज़र (VBSS)' जैसी तकनीकें सिखाई गईं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना की प्रशांत कमान (USARPAC) और 18वीं थिएटर मेडिकल कमांड ने कोलंबो की सड़कों पर डेंगू से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया। इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि श्रीलंका के आधिकारिक अधिकारी डेंगू से निपटने में असमर्थ हैं, इसलिए विदेशी विशेषज्ञों को बुलाया गया।
वर्तमान स्थिति
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ श्रीलंका की आर्थिक संप्रभुता को बाधित कर रहे हैं। श्रीलंका के अमेरिका में राजदूत महिंदा समरसिंघे ने अमेरिकी अंडरसेक्रेटरी एलिसन हूकर को 'एंड्योरिंग फ्रेंडशिप' नामक एक कॉफी-टेबल बुक भेंट की, जो दोनों देशों के बीच दो शताब्दियों से अधिक के संबंधों का वर्णन करती है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी मीडिया और संस्थान श्रीलंका सरकार की आर्थिक नीतियों की प्रशंसा कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि देश में व्यापार मिस-इनवॉइसिंग और अंडर-इनवॉइसिंग से सालाना कम से कम 1 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।
| गतिविधि | स्थान | तिथि |
|---|---|---|
| नौसेना प्रशिक्षण | त्रिंकोमाली | अगस्त 2026 |
| डेंगू प्रशिक्षण | कोलंबो | अगस्त 2026 |
प्रभाव
अमेरिकी प्रशिक्षण का सीधा प्रभाव श्रीलंकाई नौसेना की क्षमताओं पर पड़ सकता है, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाज़ों की तलाशी और जब्ती में मदद मिलेगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रशिक्षण श्रीलंका की संप्रभुता को किस हद तक प्रभावित करेगा।
अमेरिकी प्रशिक्षण से श्रीलंका की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणामों के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य उपस्थिति श्रीलंका को अपने क्षेत्रीय विवादों में उलझा सकती है।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि अमेरिका श्रीलंका के साथ सैन्य सहयोग जारी रखता है, तो यह देश की विदेश नीति को प्रभावित कर सकता है और उसे चीन और भारत के साथ संतुलन बनाने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, यह संभावना है कि श्रीलंका अपनी तटस्थता बनाए रखने का प्रयास करेगा।
अमेरिकी प्रशिक्षण के कारण श्रीलंका की नौसेना की क्षमताओं में सुधार हो सकता है, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ सकता है। यदि अमेरिका श्रीलंका पर अधिक दबाव डालता है, तो यह देश की आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
स्रोत: lankaweb.com



