मुख्य तथ्य
- सौर क्षमता 2014
- 2.8 गीगावॉट
- सौर क्षमता 2026
- 162 गीगावॉट
- पीएम सूर्य घर योजना के तहत घर
- 50 लाख
- सब्सिडी राशि
- 36,000-78,000 रुपये
- ऋण ब्याज दर
- लगभग 7%
- पीएम सूर्य सरोवर योजना लक्ष्य
- 5,000 मेगावॉट फ्लोटिंग सोलर
पृष्ठभूमि
अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चाउना मीन ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सौर ऊर्जा क्षेत्र उल्लेखनीय रूप से बदला है। मीन, जो ऊर्जा और गैर-पारंपरिक ऊर्जा संसाधन विभाग भी संभालते हैं, ने अपने एक्स हैंडल पर कई पोस्ट में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत की स्थापित सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 2014 में मात्र 2.8 गीगावॉट से बढ़कर 2026 में 162 गीगावॉट हो गई है, जो स्वच्छ और सतत ऊर्जा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वर्तमान स्थिति
मीन ने कहा कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख घरों ने रूफटॉप सोलर अपनाया है, जिससे स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर संक्रमण तेज हुआ है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी 2024 को शुरू की गई थी और इसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
केंद्र सरकार इस योजना के तहत घर की औसत मासिक बिजली खपत और उपयुक्त रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता के आधार पर 36,000 रुपये से 78,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करती है। लाभार्थियों को 3 किलोवाट तक के आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए लगभग सात प्रतिशत ब्याज दर पर कम ब्याज वाले ऋण भी मिलते हैं।
इसके अलावा, पीएम सूर्य सरोवर योजना (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी दी गई है, जिसका लक्ष्य ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ 5,000 मेगावॉट की फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करना है।
| वर्ष | क्षमता (गीगावॉट) |
|---|---|
| 2014 | 2.8 |
| 2026 | 162 |
प्रभाव
मीन ने कहा कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से वृद्धि, घरेलू विनिर्माण और उपभोक्ता अपनाने से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इन पहलों से परिवारों को अपने मासिक बिजली बिलों में कमी लाने में मदद मिल रही है, साथ ही वे नेट-मीटरिंग तंत्र के माध्यम से वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये प्रयास सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ घरों को सशक्त बना रहे हैं और ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ा रहे हैं।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर की स्वीकार्यता इसी गति से जारी रहती है, तो आने वाले वर्षों में और अधिक परिवार इससे जुड़ सकते हैं, जिससे देश की सौर क्षमता में और वृद्धि हो सकती है।
पीएम सूर्य सरोवर योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं के विकास से जल निकायों का उपयोग करके ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की संभावना है, हालांकि इसकी वास्तविक उपलब्धि परियोजना कार्यान्वयन की गति पर निर्भर करेगी।
यदि घरेलू विनिर्माण और उपभोक्ता अपनाने की प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारत नवीकरणीय ऊर्जा में अपनी वैश्विक नेतृत्व की स्थिति को और मजबूत कर सकता है, लेकिन इसके लिए नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और रखरखाव सहायता पर ध्यान देना आवश्यक होगा।
स्रोत: newkerala.com
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सौर क्षमता में वृद्धि
2026162
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| श्रेणी | क्षमता (गीगावॉट) |
|---|---|
| 2014 | 2.8 |
| 2026 | 162 |
स्रोत:newkerala.com स्रोत-समर्थित



