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भारत ने 2023 वनडे विश्व कप के बाद बुमराह के साथ 57 और बिना 77 मैच खेले

2023 वनडे विश्व कप के बाद से भारत ने 134 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिनमें से 57 में जसप्रीत बुमराह शामिल रहे और 77 में वह नहीं खेले। चोट और वर्कलोड प्रबंधन के कारण वह 57.5% मैचों से बाहर रहे।

मुख्य तथ्य

कुल मैच (2023 विश्व कप के बाद)
134
बुमराह के साथ मैच
57
बुमराह के बिना मैच
77
बुमराह की भागीदारी प्रतिशत
42.5%
बुमराह की अनुपस्थिति प्रतिशत
57.5%
हालिया बहिष्करण
श्रीलंका टेस्ट श्रृंखला (घुटने की तकलीफ)

पृष्ठभूमि

जसप्रीत बुमराह भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज हैं, जो तीनों प्रारूपों – टेस्ट, वनडे और टी20 – में अपनी गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। उनकी अनोखी एक्शन, सटीकता और बहुमुखी प्रतिभा उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में शुमार करती है।

2023 वनडे विश्व कप के बाद से बुमराह को कई अंतरराष्ट्रीय मैचों से बाहर रहना पड़ा है। इसका मुख्य कारण उनके बाएं घुटने की चोट और बीसीसीआई द्वारा उनके वर्कलोड का प्रबंधन है, ताकि वह टीम के लिए महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं में उपलब्ध रह सकें।

वर्तमान स्थिति

नवंबर 2023 में वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद से भारत ने तीनों प्रारूपों में कुल 134 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इनमें से बुमराह 57 मैचों में खेले, जबकि 77 मैचों में वह टीम का हिस्सा नहीं थे। इसका मतलब है कि बुमराह ने इस अवधि में भारत के लगभग 42.5% मैचों में हिस्सा लिया, जबकि 57.5% मैचों में वह अनुपस्थित रहे।

हाल ही में घुटने की तकलीफ के कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला से बाहर कर दिया गया था। बीसीसीआई उनके वर्कलोड पर नजर रख रही है और उन्हें आराम दे रही है, क्योंकि टीम के मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में उनकी उपस्थिति हर श्रृंखला में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

2023 वनडे विश्व कप के बाद भारत के मैचों में बुमराह की भागीदारी
विवरण मैचों की संख्या
बुमराह के साथ57
बुमराह के बिना77
कुल मैच134
आंकड़े स्रोत के अनुसार, नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक के हैं।

प्रभाव

बुमराह की अनुपस्थिति का सीधा असर भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण पर पड़ता है, खासकर विदेशी परिस्थितियों में जहां उनकी स्विंग और सटीकता अहम भूमिका निभाती है। उनकी कमी से टीम को वैकल्पिक गेंदबाजों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आक्रमण की गहराई प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, वर्कलोड प्रबंधन का उद्देश्य बुमराह को लंबे समय तक फिट रखना है, ताकि वह आईसीसी टूर्नामेंटों और बड़ी श्रृंखलाओं में उपलब्ध रहें। उनकी अनुपस्थिति में युवा गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है, जो भविष्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि बुमराह की घुटने की चोट पूरी तरह ठीक हो जाती है और वह फिटनेस बनाए रखते हैं, तो वह आगामी आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत की गेंदबाजी की अगुआई कर सकते हैं। उनकी उपस्थिति से टीम को नई और पुरानी दोनों गेंदों से हलचल पैदा करने में मदद मिलेगी।

यदि चोट बनी रहती है या वर्कलोड प्रबंधन जारी रहता है, तो बुमराह को कुछ श्रृंखलाओं में आराम दिया जा सकता है, जिससे टीम को वैकल्पिक योजनाएं बनानी होंगी। संभावना है कि बीसीसीआई उन्हें प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए तैयार रखने पर ध्यान केंद्रित करेगा, भले ही इसके लिए छोटी श्रृंखलाओं में उन्हें आराम देना पड़े।

स्रोत: jagranjosh.com

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तुलना

2023 वनडे विश्व कप के बाद भारत के मैचों में बुमराह की भागीदारी

मैचों की संख्या
134100.56733.505777134बुमराह के साथबुमराह के साथबुमराह के बिनाबुमराह के बिनाकुल मैचकुल मैच
बुमराह के साथ57
बुमराह के बिना77
कुल मैच134

कुल मैच134

सटीक आंकड़े देखें
श्रेणीमैचों की संख्या
बुमराह के साथ57
बुमराह के बिना77
कुल मैच134

स्रोत:jagranjosh.com स्रोत-समर्थित

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