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SGB अगस्त 2026: RBI ने जारी की 6 सीरीज़ की सूची, जानें प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की तारीखें और पात्रता

RBI ने अगस्त 2026 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की छह सीरीज़ के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का कार्यक्रम जारी किया है। पांच साल की अनिवार्य होल्डिंग अवधि पूरी करने वाले निवेशक आवेदन कर सकते हैं।

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अप्रैल-सितंबर 2026 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की प्रीमैच्योर रिडेम्पशन कैलेंडर जारी किया है। इस कैलेंडर के अनुसार, अगस्त 2026 में छह SGB सीरीज़ को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए निर्धारित किया गया है। यह सुविधा उन निवेशकों के लिए है जिन्होंने 2018 से 2021 के बीच जारी इन बॉन्ड्स में निवेश किया था और पांच साल की अनिवार्य होल्डिंग अवधि पूरी कर ली है।

SGB योजना के तहत बॉन्ड की मूल परिपक्वता आठ साल है, लेकिन निवेशकों को पांच साल बाद RBI द्वारा निर्धारित ब्याज भुगतान तिथियों पर इन्हें भुनाने की अनुमति है। यह सुविधा केवल उन्हीं तिथियों पर उपलब्ध है जिन्हें RBI ने अधिसूचित किया है। निवेशकों को अपनी संबंधित बॉन्ड सीरीज़ के लिए निर्धारित आवेदन विंडो के भीतर रिडेम्पशन का अनुरोध प्रस्तुत करना होगा।

वर्तमान स्थिति

RBI द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, अगस्त 2026 में निम्नलिखित SGB सीरीज़ प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए पात्र हैं: 2018-19 सीरीज़ IV, 2019-20 सीरीज़ I, 2019-20 सीरीज़ II, 2019-20 सीरीज़ III, 2020-21 सीरीज़ I, और 2020-21 सीरीज़ II। इन सीरीज़ की सटीक तारीखें और आवेदन विंडो RBI की अधिसूचना में निर्दिष्ट हैं।

निवेशक अपना रिडेम्पशन अनुरोध बैंकों, निर्दिष्ट डाकघरों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), NSDL या CDSL जैसे डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स, या RBI रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं, बशर्ते बॉन्ड उसी माध्यम से खरीदे गए हों। आवेदन विंडो चूकने पर निवेशकों को अगली पात्र रिडेम्पशन तिथि तक इंतजार करना होगा।

प्रभाव

SGB का रिडेम्पशन मूल्य निश्चित नहीं होता, बल्कि यह रिडेम्पशन के समय प्रचलित सोने की कीमत पर निर्भर करता है। RBI भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने की पिछले तीन कार्यदिवसों की क्लोजिंग कीमतों के साधारण औसत के आधार पर रिडेम्पशन मूल्य निर्धारित करता है। इसलिए, निवेशकों को उनके मूल निवेश से अधिक या कम राशि मिल सकती है, जो होल्डिंग अवधि के दौरान सोने की कीमतों में हुए उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगा।

रिडेम्पशन की तिथि तक, निवेशकों को मूल निवेश राशि पर 2.5% प्रति वर्ष की निश्चित ब्याज दर मिलती रहेगी, जो अर्ध-वार्षिक रूप से भुगतान की जाती है। बॉन्ड भुनाने के बाद कोई और ब्याज देय नहीं होगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते के विवरण और KYC जानकारी को जारी करने वाली संस्था के साथ अपडेट रखें ताकि रिडेम्पशन राशि प्राप्त करने में देरी न हो।

भविष्य का परिदृश्य

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि निवेशक निर्धारित आवेदन विंडो के भीतर रिडेम्पशन का अनुरोध प्रस्तुत करते हैं, तो वे अगस्त 2026 में अपने बॉन्ड भुना सकते हैं। हालांकि, यदि वे समय सीमा चूक जाते हैं, तो उन्हें अगली पात्र रिडेम्पशन तिथि तक इंतजार करना होगा, जो कि RBI के कैलेंडर के अनुसार बाद के महीनों में हो सकती है।

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण, रिडेम्पशन राशि निवेशकों की अपेक्षा से अधिक या कम हो सकती है। यदि सोने की कीमतें बढ़ी हैं, तो निवेशकों को लाभ हो सकता है, लेकिन यदि कीमतें गिरी हैं, तो उन्हें घाटा उठाना पड़ सकता है। भविष्य में सोने की कीमतों की दिशा स्पष्ट नहीं है, और निवेशकों को अपने निर्णय से पहले बाजार की स्थितियों का आकलन करना चाहिए।

स्रोत: livemint.com

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