अहमदाबाद: केंद्र सरकार की 'इंडिया एआई मिशन' के तहत गुजरात के 37 तकनीकी शिक्षण संस्थानों में डेटा एवं एआई लैब स्थापित करने के लिए चयन किया गया है। इनमें 20 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और 17 पॉलिटेक्निक शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करना है।
यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी द्वारा पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तर में दी। मंत्री के अनुसार, ये डेटा एवं एआई लैब 'इंडिया एआई फ्यूचरस्किल्स' घटक के तहत स्थापित की जाएंगी, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन और अनुप्रयुक्त डेटा विज्ञान में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि 'इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग' घटक के तहत गुजरात को दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एआई-सीओई) आवंटित किए गए हैं। ये केंद्र राज्य के एआई नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगे और स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा शैक्षणिक संस्थानों को सहायता प्रदान करेंगे।
'इंडिया एआई फेलोशिप' कार्यक्रम के तहत गुजरात को 23 शोध फेलोशिप आवंटित की गई हैं, जिनमें चार स्नातक, 12 स्नातकोत्तर और सात पीएचडी शोध फेलोशिप शामिल हैं। ये फेलोशिप राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में एआई अनुसंधान करने वाले छात्रों को प्रदान की जाएंगी।
लिखित उत्तर में यह भी कहा गया कि 'इंडिया एआई कंप्यूट' घटक के तहत उच्च प्रदर्शन वाली जीपीयू कंप्यूटिंग तक रियायती पहुंच प्रदान की जाती है, जिसकी औसत दर लगभग 65 रुपये प्रति जीपीयू-घंटे है। गुजरात में, गुजरात इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड (जीआईएल) और गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमूल) को यह सुविधा आवंटित की गई है।
स्रोत: freepressjournal.in



