मुख्य तथ्य
- स्थान
- हेवर्ड फील्ड, यूजीन, ओरेगन, अमेरिका
- तारीख
- 5-9 अगस्त 2026
- भारतीय दल
- 36 सदस्य (23 पुरुष, 13 महिला)
- पूजा सिंह का रिकॉर्ड
- 1.93 मीटर ऊंची कूद (नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड)
- एशियाई U20 चैंपियनशिप में भारत
- 19 पदक (10 स्वर्ण), दूसरा स्थान
- प्रतिभागी
- 1,800+ एथलीट, 147 देश
पृष्ठभूमि
विश्व एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप 2026 का आयोजन अमेरिका के ओरेगन स्थित यूजीन के हेवर्ड फील्ड में 5 से 9 अगस्त तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से 36 सदस्यीय दल भाग लेगा, जिसमें 23 पुरुष और 13 महिला एथलीट शामिल हैं।
भारतीय टीम हांगकांग में आयोजित एशियाई U20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद इस वैश्विक प्रतियोगिता में उतरेगी। उस प्रतियोगिता में भारत ने 19 पदक (10 स्वर्ण सहित) जीतकर चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था, जो देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
वर्तमान स्थिति
भारतीय टीम की अगुवाई 19 वर्षीय पूजा सिंह करेंगी, जिन्होंने एशियाई U20 चैंपियनशिप में महिलाओं की ऊंची कूद में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। यह प्रदर्शन नया वरिष्ठ राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जिसने 2012 में सहाना कुमारी द्वारा बनाए गए 1.92 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ा। साथ ही, यह 2006 से कायम चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया।
पूजा सिंह ने इस उपलब्धि के साथ 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई किया था, जहां उन्होंने चुनौतीपूर्ण बारिश की स्थिति में आठवां स्थान हासिल किया। इसके अलावा, एशियाई U20 चैंपियन नितिन गुप्ता (पुरुष 5000 मीटर रेस वॉक) और शाहनवाज खान (पुरुष लंबी कूद) भी भारत की पदक उम्मीदों को मजबूती देंगे।
इस बार की चैंपियनशिप में 147 सदस्य संघों के 1,800 से अधिक एथलीट भाग लेने की उम्मीद है, जो इसे इतिहास का सबसे बड़ा विश्व एथलेटिक्स U20 आयोजन बनाएगा। यह 2024 में लीमा में बनाए गए 1,558 एथलीटों के पिछले रिकॉर्ड को पार कर जाएगा।
| एथलीट | लिंग | स्पर्धा | एशियाई U20 प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| पूजा सिंह | महिला | ऊंची कूद | स्वर्ण, 1.93 मीटर |
| नितिन गुप्ता | पुरुष | 5000 मीटर रेस वॉक | स्वर्ण |
| शाहनवाज खान | पुरुष | लंबी कूद | स्वर्ण |
| आरती | महिला | 4x100 मीटर रिले | लीमा 2024 में कांस्य (10,000 मीटर रेस वॉक) |
प्रभाव
भारतीय टीम पिछले संस्करण (लीमा 2024) में 43 सदस्यीय दल के साथ उतरी थी, जिसमें महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक में आरती ने कांस्य पदक जीतकर देश को एकमात्र पदक दिलाया था। इस बार टीम उस प्रदर्शन को सुधारने की कोशिश करेगी।
विश्व U20 चैंपियनशिप ने भारतीय एथलेटिक्स को कई बड़े सितारे दिए हैं। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 2016 में बायडगोस्ज़ में पुरुष भाला फेंक में 86.48 मीटर के विश्व U20 रिकॉर्ड के साथ भारत के पहले विश्व U20 चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। दो साल बाद, हिमा दास ने टाम्पेरे में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण जीतकर भारत की पहली ट्रैक विश्व U20 चैंपियन बनने का इतिहास रचा था।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि पूजा सिंह अपना फॉर्म जारी रखती हैं, तो वे ऊंची कूद में पदक जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा सकती हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए उनका प्रदर्शन कैसा रहेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
नितिन गुप्ता और शाहनवाज खान जैसे एशियाई चैंपियन भी पदक की उम्मीद जगा सकते हैं, लेकिन विश्व स्तर पर उनकी चुनौती कितनी मजबूत होगी, यह देखना होगा। यदि भारतीय रिले टीमें अपनी लय बनाए रखती हैं, तो वे फाइनल में जगह बना सकती हैं, लेकिन यह संभावना मौसम और ट्रैक की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।
भारतीय टीम का लक्ष्य लीमा में मिले एक पदक से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। यदि सभी एथलीट अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं, तो पदकों की संख्या में सुधार हो सकता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है।
स्रोत: shanghainews.net



