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राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में 24,086.048 करोड़ रुपये की बोलियाँ स्वीकृत

भारतीय रिजर्व बैंक ने 4 अगस्त 2026 को राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में 24,086.048 करोड़ रुपये की बोलियाँ स्वीकार कीं। असम और उत्तराखंड ने आंशिक राशि स्वीकार की, जबकि गुजरात ने कोई राशि स्वीकार नहीं की।

मुख्य तथ्य

कुल लक्ष्य
26,850 करोड़ रुपये
कुल स्वीकृत राशि
24,086.048 करोड़ रुपये
भाग लेने वाले राज्य
17
आंशिक स्वीकृति वाले राज्य
असम, उत्तराखंड
कोई स्वीकृति नहीं
गुजरात

पृष्ठभूमि

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 अगस्त 2026 को राज्य सरकारों की ओर से राज्य सरकारी प्रतिभूतियों (SGS) की यील्ड/मूल्य आधारित नीलामी आयोजित की। यह नीलामी विभिन्न राज्यों द्वारा जारी की गई प्रतिभूतियों के पुनः निर्गम (re-issue) के लिए थी, जिनमें अलग-अलग परिपक्वता अवधि और कूपन दरें शामिल थीं।

नीलामी में 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिन्होंने कुल 26,850 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था। RBI द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अंततः 24,086.048 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई।

वर्तमान स्थिति

नीलामी में असम ने 1,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 930.030 करोड़ रुपये की आंशिक राशि स्वीकार की, जबकि उत्तराखंड ने 300 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 106.018 करोड़ रुपये स्वीकार किए। गुजरात ने अपनी दोनों प्रतिभूतियों (7.38% SGS 2035 और 7.51% SGS 2038) के लिए कोई राशि स्वीकार नहीं की।

बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पूरी राशि स्वीकार कराई। नीलामी में विभिन्न परिपक्वता अवधियों के लिए कट-ऑफ मूल्य और यील्ड दरें निर्धारित की गईं।

राज्यवार नीलामी विवरण
राज्य लक्ष्य (₹ करोड़) स्वीकृत (₹ करोड़) कट-ऑफ मूल्य (₹) यील्ड (%) परिपक्वता अवधि
असम1000930.03099.797.58977.56% SGS 2036
बिहार80080099.417.51067.42% SGS 2035
बिहार12001200102.417.69887.92% SGS 2051
छत्तीसगढ़50050099.357.49997.40% SGS 2035
छत्तीसगढ़50050099.627.68087.64% SGS 2042
गुजरात1000---7.38% SGS 2035
गुजरात1500---7.51% SGS 2038
हिमाचल प्रदेश400400100.747.70187.78% SGS 2044
हिमाचल प्रदेश300300100.777.69677.77% SGS 2049
जम्मू और कश्मीर500500102.097.70107.91% SGS 2046
जम्मू और कश्मीर500500101.177.70227.81% SGS 2051
झारखंड1000100099.727.35087.30% SGS 2033
स्रोत: RBI प्रेस विज्ञप्ति, 4 अगस्त 2026। केवल पहले 12 राज्यों की प्रविष्टियाँ दिखाई गई हैं; पूर्ण डेटा के लिए मूल विज्ञप्ति देखें।

प्रभाव

इस नीलामी से राज्य सरकारों को अपनी उधारी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, क्योंकि स्वीकृत राशि सीधे उनके खाते में जमा होगी। असम और उत्तराखंड को आंशिक स्वीकृति के कारण अपनी वित्तीय योजनाओं में समायोजन करना पड़ सकता है, जबकि गुजरात को वैकल्पिक उधारी स्रोतों की तलाश करनी पड़ सकती है।

स्वीकृत यील्ड दरें राज्यों के लिए उधारी लागत का संकेत देती हैं, जो उनके बजट घाटे और वित्तीय प्रबंधन को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों के लिए, ये प्रतिभूतियाँ सरकारी गारंटी के साथ निवेश का अवसर प्रदान करती हैं।

भविष्य का परिदृश्य

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि बाजार की स्थितियाँ अनुकूल रहती हैं, तो आगामी नीलामियों में राज्यों को पूर्ण या अधिक राशि स्वीकार करने में सफलता मिल सकती है। हालांकि, यदि यील्ड दरें बढ़ती हैं, तो राज्यों की उधारी लागत बढ़ सकती है, जिससे उनके वित्तीय घाटे पर दबाव पड़ सकता है।

गुजरात द्वारा बोलियाँ स्वीकार न करने के कारण, यह संभावना है कि वह भविष्य में अलग-अलग शर्तों पर पुनः नीलामी का प्रयास करे। असम और उत्तराखंड के लिए, आंशिक स्वीकृति के बाद शेष राशि के लिए पुनः नीलामी का विकल्प खुला है, लेकिन यह बाजार की माँग पर निर्भर करेगा।

स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक

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तुलना

राज्यवार नीलामी विवरण

लक्ष्य (₹ करोड़)
1,5001,12575037501,0008001,2005005001,0001,500400असमअसमबिहारबिहारबिहारबिहारछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़गुजरातगुजरातगुजरातगुजरातहिमाचल प्रदेशहिमाचल प्रदेश
असम1,000
बिहार800
बिहार1,200
छत्तीसगढ़500
छत्तीसगढ़500
गुजरात1,000
गुजरात1,500
हिमाचल प्रदेश400

हिमाचल प्रदेश400

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श्रेणीलक्ष्य (₹ करोड़)
असम1,000
बिहार800
बिहार1,200
छत्तीसगढ़500
छत्तीसगढ़500
गुजरात1,000
गुजरात1,500
हिमाचल प्रदेश400

स्रोत:भारतीय रिजर्व बैंक स्रोत-समर्थित

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