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RBI ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जोखिम पर नए निर्देश जारी किए

भारतीय रिज़र्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा, प्रौद्योगिकी जोखिम, लचीलापन और आश्वासन ढांचे पर नए निर्देश जारी किए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

मुख्य तथ्य

जारी करने की तिथि
31 जुलाई 2026
प्रभावी तिथि
तत्काल प्रभाव से
लागू होने वाली संस्थाएँ
वाणिज्यिक बैंक (स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक, लोकल एरिया बैंक को छोड़कर)
कानूनी आधार
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 27 और 35-ए
विदेशी बैंकों के लिए दृष्टिकोण
कंप्लाई या एक्सप्लेन

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 31 जुलाई 2026 को वाणिज्यिक बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जोखिम प्रबंधन से संबंधित नए निर्देश जारी किए। ये निर्देश 'रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक्स – साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी: रिस्क, रेज़िलिएंस एंड अश्योरेंस फ्रेमवर्क) डायरेक्शन्स, 2026' के नाम से जारी किए गए हैं।

ये निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 27 और धारा 35-ए के तहत जारी किए गए हैं। RBI ने इन्हें सार्वजनिक हित में आवश्यक और समीचीन मानते हुए जारी किया है। निर्देशों का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जोखिम प्रबंधन को मजबूत करना है।

वर्तमान स्थिति

नए निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। ये वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होंगे, जिनमें बैंकिंग कंपनियाँ (स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक और लोकल एरिया बैंक को छोड़कर), संबंधित नए बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं।

विदेशी बैंकों के लिए जो भारत में शाखा मोड के माध्यम से काम कर रहे हैं, बोर्ड या निदेशक मंडल के संदर्भ को नियंत्रित कार्यालय या मुख्य कार्यालय के रूप में पढ़ा जाएगा। ऐसे विदेशी बैंकों पर अध्याय II, III, IV और VII तथा अध्याय V के चुनिंदा अनुच्छेदों के संबंध में 'कंप्लाई या एक्सप्लेन' दृष्टिकोण लागू होगा।

अध्याय V के चुनिंदा अनुच्छेदों की सूची (विदेशी बैंकों के लिए)
क्रम संख्या विषय अनुच्छेद संख्या
1इन्वेंटरी प्रबंधन49
2डेटा माइग्रेशन नियंत्रण55
3भौतिक और पर्यावरणीय नियंत्रण62, 63
4क्षमता प्रबंधन64, 65
5एप्लिकेशन सुरक्षा जीवन चक्र89, 90, 92
6ऑडिट लॉग का रखरखाव93, 95
7पैच, भेद्यता और परिवर्तन प्रबंधन98
8उपयोगकर्ता पहुंच नियंत्रण104, 105, 110
9टेलीवर्किंग नियंत्रण114
10तृतीय-पक्ष व्यवस्थाएँ126
11क्रिप्टोग्राफिक नियंत्रण140
12सीधा प्रसंस्करण141, 142
विदेशी बैंकों के लिए अध्याय V के चुनिंदा अनुच्छेदों की सूची, जिन पर 'कंप्लाई या एक्सप्लेन' दृष्टिकोण लागू होगा।

प्रभाव

इन निर्देशों का सीधा असर वाणिज्यिक बैंकों के संचालन पर पड़ेगा। बैंकों को अपने बोर्ड स्तरीय समितियों, सूचना प्रौद्योगिकी शासन, साइबर सुरक्षा नीतियों और जोखिम प्रबंधन ढांचे को नए मानकों के अनुरूप ढालना होगा।

बैंकों को सूचना संपत्तियों की सूची, डेटा लीक रोकथाम, नेटवर्क सुरक्षा, एप्लिकेशन सुरक्षा, उपयोगकर्ता पहुंच नियंत्रण, और व्यवसाय सातत्यता योजनाओं को मजबूत करना होगा। साथ ही, साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र (सीएसओसी) की स्थापना और सूचना प्रणाली ऑडिट पर भी जोर दिया गया है।

विदेशी बैंकों के लिए 'कंप्लाई या एक्सप्लेन' दृष्टिकोण का मतलब है कि उन्हें निर्देशों का पालन करना होगा या अनुपालन न करने के कारणों की व्याख्या करनी होगी। इससे उनकी रिपोर्टिंग और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं।

भविष्य का परिदृश्य

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि बैंक इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो उनकी साइबर सुरक्षा मजबूत हो सकती है और ग्राहकों का विश्वास बढ़ सकता है। हालांकि, अनुपालन के लिए बैंकों को अतिरिक्त संसाधन और तकनीकी निवेश करने पड़ सकते हैं।

आने वाले समय में, RBI इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी कर सकता है और यदि आवश्यकता हो तो संशोधन भी कर सकता है। बैंकों को अपनी प्रणालियों को अद्यतन रखने और नए साइबर खतरों से निपटने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

यदि बैंक अनुपालन में विफल रहते हैं, तो RBI नियामकीय कार्रवाई कर सकता है, जिससे बैंकों पर वित्तीय और प्रतिष्ठात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि अनुपालन की समयसीमा क्या होगी और क्या बैंकों को अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

स्रोत: Reserve Bank of India

AMRIT EXPLAINER

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तुलना

विदेशी बैंकों के लिए चुनिंदा अनुच्छेदों की संख्या

अनुच्छेद संख्या
141105.7570.535.25049556264899398104114126140141इन्वेंटरीइन्वेंटरीडेटा माइग्रेशनडेटा माइग्रेशनभौतिक नियंत्रणभौतिक नियंत्रणक्षमताक्षमताएप्लिकेशन सुरक्षाएप्लिकेशन सुरक्…ऑडिट लॉगऑडिट लॉगपैच प्रबंधनपैच प्रबंधनउपयोगकर्ता पहुंचउपयोगकर्ता पहुंचटेलीवर्किंगटेलीवर्किंगतृतीय-पक्षतृतीय-पक्षक्रिप्टोग्राफिकक्रिप्टोग्राफिकसीधा प्रसंस्करणसीधा प्रसंस्करणइकाई: अनुच्छेद संख्या
इन्वेंटरी49 अनुच्छेद संख्या
डेटा माइग्रेशन55 अनुच्छेद संख्या
भौतिक नियंत्रण62 अनुच्छेद संख्या
क्षमता64 अनुच्छेद संख्या
एप्लिकेशन सुरक्षा89 अनुच्छेद संख्या
ऑडिट लॉग93 अनुच्छेद संख्या
पैच प्रबंधन98 अनुच्छेद संख्या
उपयोगकर्ता पहुंच104 अनुच्छेद संख्या
टेलीवर्किंग114 अनुच्छेद संख्या
तृतीय-पक्ष126 अनुच्छेद संख्या
क्रिप्टोग्राफिक140 अनुच्छेद संख्या
सीधा प्रसंस्करण141 अनुच्छेद संख्या

सीधा प्रसंस्करण141 अनुच्छेद संख्या

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श्रेणीअनुच्छेद संख्या
इन्वेंटरी49 अनुच्छेद संख्या
डेटा माइग्रेशन55 अनुच्छेद संख्या
भौतिक नियंत्रण62 अनुच्छेद संख्या
क्षमता64 अनुच्छेद संख्या
एप्लिकेशन सुरक्षा89 अनुच्छेद संख्या
ऑडिट लॉग93 अनुच्छेद संख्या
पैच प्रबंधन98 अनुच्छेद संख्या
उपयोगकर्ता पहुंच104 अनुच्छेद संख्या
टेलीवर्किंग114 अनुच्छेद संख्या
तृतीय-पक्ष126 अनुच्छेद संख्या
क्रिप्टोग्राफिक140 अनुच्छेद संख्या
सीधा प्रसंस्करण141 अनुच्छेद संख्या

स्रोत:RBI निर्देश 2026 के अनुसार स्रोत-समर्थित

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