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होर्मुज जलडमरूमध्य एक-दो दिन में खुल सकता है: अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक-दो दिन में समझौता हो सकता है। जहाजों को मुफ्त आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य एक-दो दिन में खुल सकता है: अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

वक्तव्य
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और एक-दो दिन में समझौता हो सकता है।
जलडमरूमध्य बंद होने की तिथि
28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया।
टोल
बेसेंट ने कहा कि जहाजों को मुफ्त आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
मध्यस्थ
कतर का विदेश मंत्रालय मुख्य मध्यस्थों में से एक है।
तेल की कीमतें
अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें लगभग 3% गिरकर 78 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आईं।
पिछला समझौता
17 जून को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन शिपिंग मार्गों को लेकर असहमति के कारण विफल रहा।

पृष्ठभूमि

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के तेल व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है, को ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद बंद कर दिया था। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था।

अमेरिका और ईरान ने 17 जून को जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन शिपिंग मार्गों को लेकर असहमति के कारण यह समझौता विफल हो गया। तेहरान चाहता था कि जहाज उसके क्षेत्रीय जल से गुजरें, जबकि वाशिंगटन ने इसका विरोध किया।

समझौते के विफल होने के बाद शत्रुता फिर से बढ़ गई। ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को दरकिनार करते हुए ओमान के तट पर टैंकरों पर हमला किया, और अमेरिका ने ईरान पर लगातार 14 रातों तक हमले किए।

वर्तमान स्थिति

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को सीएनबीसी से कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आज या कल जलडमरूमध्य को खोलने के लिए समझौता हो सकता है। उन्होंने कहा, "हम ईरानियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आज या कल जलडमरूमध्य खोलने के लिए समझौता होने की संभावना है।"

जब पूछा गया कि क्या जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने के लिए टोल देना होगा, तो बेसेंट ने कहा कि जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह आवाजाही की स्वतंत्रता होगी।"

कतर के विदेश मंत्रालय, जो वाशिंगटन और तेहरान के बीच मुख्य मध्यस्थों में से एक है, ने कहा कि एक प्रस्तावित डी-एस्केलेशन प्रस्ताव वर्तमान में पार्टियों के बीच परिचालित किया जा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कहा, "प्रस्तावित डी-एस्केलेशन प्रस्ताव पार्टियों के बीच परिचालित किया जा रहा है।"

प्रभाव

इस खबर के बाद मंगलवार को अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 3% की गिरावट आई और यह 78 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। बेसेंट ने कहा कि जब फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकलने की अनुमति मिलेगी, तो कीमतें और भी गिर सकती हैं।

बेसेंट ने कहा, "यह सिर्फ ऊर्जा नहीं है। यह उर्वरक है, यह परिष्कृत उत्पाद है, यह विभिन्न औद्योगिक गैसें हैं। हम एक बड़ा राहत व्यापार देख सकते हैं क्योंकि ये कीमतें नीचे जाती हैं।" इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और उपभोक्ताओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर बातचीत की अनुमति देने के लिए ईरान पर एक बड़े हमले को रद्द कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना शामिल होगा।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि समझौता हो जाता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में और गिरावट आ सकती है, और फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों की आवाजाही शुरू हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि समझौते की शर्तें क्या होंगी और क्या यह स्थायी होगा।

यदि बातचीत विफल हो जाती है, तो तनाव फिर से बढ़ सकता है और जलडमरूमध्य बंद रह सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता जारी रह सकती है। ट्रंप ने कहा है कि वह जल्दी से समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौता होता है, तो यह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन इसकी सफलता कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाना भी शामिल है।

स्रोत: hindustantimes.com

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