मुख्य तथ्य
- सेवा शुरू
- 24x7 स्वास्थ्य सेवाएं
- चिकित्सा अधिकारियों की संख्या
- 2 से बढ़ाकर 4
- प्रभावित क्षेत्र
- 50+ गांव, 17 वार्ड
- विशेषज्ञ भर्ती
- मेडिसिन और स्त्री रोग
- राज्यव्यापी योजना
- 117 केंद्र, 10 कार्यरत
- नर्सों की नियुक्ति
- 700+ (अगले 2 सप्ताह में)
पृष्ठभूमि
लालरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) 30 साल पुराना है और इसमें बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। डेरा बस्सी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र में बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं दोपहर 3 बजे के बाद बंद हो जाती थीं।
इसके चलते 50 से अधिक गांवों, लालरू और हंडेसरा के 17 वार्डों तथा आसपास के कस्बों के निवासियों को आपातकालीन उपचार के लिए डेरा बस्सी, अंबाला और चंडीगढ़ जाना पड़ता था।
वर्तमान स्थिति
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विधानसभा में बताया कि लालरू सीएचसी में अब 24x7 स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। चिकित्सा अधिकारियों की स्वीकृत संख्या दो से बढ़ाकर चार कर दी गई है ताकि मरीजों को चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
मेडिसिन और स्त्री रोग विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। भर्ती पूरी होने के बाद सिजेरियन डिलीवरी सहित अतिरिक्त विशेष सेवाएं उपलब्ध होंगी।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| स्वीकृत चिकित्सा अधिकारी (पहले) | 2 |
| स्वीकृत चिकित्सा अधिकारी (अब) | 4 |
| 24 घंटे स्वास्थ्य केंद्र (लक्ष्य) | 117 |
| 24 घंटे स्वास्थ्य केंद्र (कार्यरत) | 10 |
| आईसीयू स्थापित जिले | 20 |
| कुल जिले | 23 |
| नर्सों की नियुक्ति (अगले 2 सप्ताह) | 700+ |
प्रभाव
इस कदम से लालरू और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को आपातकालीन स्थिति में लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। पहले जिन मरीजों को डेरा बस्सी, अंबाला या चंडीगढ़ जाना पड़ता था, उन्हें अब स्थानीय स्तर पर ही इलाज मिल सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर रही है। इस पहल के तहत 117 केंद्र बनाए जाएंगे, जिनमें से 10 पहले से कार्यरत हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती समय पर पूरी हो जाती है, तो लालरू सीएचसी में सिजेरियन डिलीवरी जैसी विशेष सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को बड़े अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अगले दो हफ्तों में 700 से अधिक नर्सों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सकता है। पंजाब के 23 जिलों में से 20 में आईसीयू स्थापित हो चुके हैं, और यदि शेष जिलों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो जाती है, तो गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि 117 स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना कब तक पूरी होगी। यदि सरकार की योजना सफल रहती है, तो पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सकता है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त संसाधनों और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।
स्रोत: tribuneindia.com



