मुख्य तथ्य
- कुल सीटें
- 100
- वार्षिक शुल्क
- लगभग ₹3,000
- राज्य कोटा सीटें
- 50 (30 स्थानीय निवासी, 20 ईसाई अल्पसंख्यक)
- प्रबंधन कोटा सीटें
- 50 (38 अल्पसंख्यक नेटवर्क, 10 कर्मचारी बच्चे, 2 ओपन)
- न्यूनतम आयु
- 17 वर्ष (31 दिसंबर तक)
- शैक्षणिक योग्यता
- कक्षा 12 में PCB में 50% (सामान्य), 40% (आरक्षित)
पृष्ठभूमि
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) वेल्लोर भारत के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक है। यहाँ एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह से NEET UG की मेरिट के आधार पर होता है। संस्थान की वार्षिक सीट संख्या 100 निर्धारित है, और वार्षिक शुल्क लगभग ₹3,000 रखा गया है।
कुल 100 सीटों में से 50 सीटें तमिलनाडु राज्य कोटा के अंतर्गत आती हैं, जिनमें 30 सीटें राज्य के स्थानीय निवासियों के लिए और 20 सीटें तमिलनाडु ईसाई अल्पसंख्यक श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। शेष 50 सीटें प्रबंधन कोटा के अंतर्गत हैं।
वर्तमान स्थिति
प्रबंधन कोटा की 50 सीटों में 38 सीटें ऑल-इंडिया अल्पसंख्यक नेटवर्क के लिए, 10 सीटें CMC वेल्लोर के कर्मचारियों के बच्चों के लिए, और 2 सीटें ऑल-इंडिया ओपन श्रेणी के लिए आरक्षित हैं। प्रवेश प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों को CMC वेल्लोर की आधिकारिक वेबसाइट और तमिलनाडु राज्य परामर्श (DME तमिलनाडु) दोनों पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
पात्रता के लिए उम्मीदवार की आयु 31 दिसंबर तक 17 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। कक्षा 12 में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में सामान्य श्रेणी के लिए 50% और आरक्षित श्रेणियों के लिए 40% अंक अनिवार्य हैं। आवेदन प्रक्रिया में NEET UG पंजीकरण, CMC पोर्टल पर आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड, और DME तमिलनाडु पर अलग से पंजीकरण शामिल है।
| कोटा | श्रेणी | सीटें |
|---|---|---|
| राज्य कोटा | राज्य निवासी | 30 |
| राज्य कोटा | ईसाई अल्पसंख्यक | 20 |
| प्रबंधन कोटा | ऑल-इंडिया अल्पसंख्यक नेटवर्क | 38 |
| प्रबंधन कोटा | कर्मचारी बच्चे | 10 |
| प्रबंधन कोटा | ऑल-इंडिया ओपन | 2 |
प्रभाव
इस प्रक्रिया से उन उम्मीदवारों को सीधा लाभ होगा जो NEET UG में अच्छा स्कोर प्राप्त करते हैं, क्योंकि प्रवेश पूरी तरह से मेरिट पर आधारित है। कम शुल्क (लगभग ₹3,000 प्रति वर्ष) के कारण यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी सुलभ है।
हालांकि, उम्मीदवारों को दो अलग-अलग पोर्टलों पर पंजीकरण करना होगा, जिससे प्रक्रिया जटिल हो सकती है। जो उम्मीदवार समय पर दोनों पंजीकरण नहीं करते, वे परामर्श से वंचित रह सकते हैं। राज्य कोटा के तहत स्थानीय निवासियों और ईसाई अल्पसंख्यकों को विशेष लाभ मिलता है।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि NEET UG 2026 का पैटर्न पिछले वर्षों जैसा रहता है, तो कट-ऑफ रैंक में मामूली बदलाव हो सकता है। हालांकि, यह अनिश्चित है कि इस वर्ष कट-ऑफ अधिक या कम होगा, क्योंकि यह उम्मीदवारों की संख्या और उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
यदि सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होता है, तो प्रतिस्पर्धा समान स्तर पर बनी रह सकती है। संभावना है कि आने वाले वर्षों में आवेदन प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल बनाया जाए, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक सूचना की प्रतीक्षा करनी होगी।
स्रोत: jagranjosh.com
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सीटों का कोटा-वार वितरण
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| श्रेणी | सीटें |
|---|---|
| राज्य निवासी | 30 सीटें |
| ईसाई अल्पसंख्यक | 20 सीटें |
| अल्पसंख्यक नेटवर्क | 38 सीटें |
| कर्मचारी बच्चे | 10 सीटें |
| ओपन | 2 सीटें |
स्रोत:जागरण जोश की रिपोर्ट के अनुसार स्रोत-समर्थित



