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5 अगस्त 2019 जम्मू-कश्मीर के लिए दुर्भाग्य का दिन: सकीना इटू

मंत्री सकीना इटू ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के लिए दुर्भाग्य का दिन बताते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा और अधिकार बहाल होने तक शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी।

5 अगस्त 2019 जम्मू-कश्मीर के लिए दुर्भाग्य का दिन: सकीना इटू
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

दिनांक
4 अगस्त (रिपोर्ट प्रकाशन: 5 अगस्त 2026)
वक्ता
मंत्री सकीना इटू
स्थान
श्रीनगर
मुख्य मांग
राज्य का दर्जा और अधिकारों की बहाली
पार्टी
नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी)
हालिया विरोध
जंतर-मंतर, नई दिल्ली

पृष्ठभूमि

श्रीनगर, 4 अगस्त: मंत्री सकीना इटू ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के लिए 'दुर्भाग्य का दिन' बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) राज्य का दर्जा और क्षेत्र के लोगों के अधिकार बहाल होने तक अपना शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी।

इटू ने यहां कैम्ब्रिज फोनिक्स एंड हैंडराइटिंग प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 वह दिन था जब जम्मू-कश्मीर ने अपना राज्य का दर्जा, विशेष दर्जा, संवैधानिक अधिकार, भूमि सुरक्षा, नौकरी सुरक्षा और पहचान खो दी।

वर्तमान स्थिति

नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख को दोहराते हुए इटू ने कहा कि पार्टी ने 5 अगस्त को लिए गए फैसलों का लगातार विरोध किया है और राज्य का दर्जा तथा लोगों के अधिकार बहाल होने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा, 'एनसी ने हमेशा 5 अगस्त को जो हुआ उसका विरोध किया है। हम तब तक विरोध करते रहेंगे जब तक हमारे अधिकार और राज्य का दर्जा वापस नहीं मिल जाते। हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे और राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे।'

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए एनसी के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए इटू ने इसे 'ऐतिहासिक प्रदर्शन' बताया और कहा कि यह पार्टी की इस मुद्दे पर अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रभाव

इटू ने कहा कि केवल उनकी पार्टी ने जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सभी राजनीतिक दलों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया।

उन्होंने कहा कि जो लोग वास्तव में लोगों के साथ खड़े थे, उन्होंने भाग लिया, जबकि जिन्होंने बार-बार लोगों को धोखा दिया है, वे दूर रहे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की भागीदारी ने इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाया और पार्टी राज्य का दर्जा और लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए अपना शांतिपूर्ण अभियान जारी रखेगी।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करने पर विचार करती है, तो एनसी का शांतिपूर्ण विरोध समाप्त हो सकता है। हालांकि, यदि ऐसा नहीं होता है, तो पार्टी अपना अभियान जारी रख सकती है।

इटू के बयान से संकेत मिलता है कि एनसी आगामी विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा सकती है। यदि अन्य दल भी शामिल होते हैं, तो आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसका क्या परिणाम होगा।

स्रोत: dailyexcelsior.com

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