मुख्य तथ्य
- घटना
- पुलिस ने SKICC में रिपोर्ट जारी करने की अनुमति नहीं दी
- समूह
- फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स इन जम्मू एंड कश्मीर
- नेतृत्व
- पूर्व गृह सचिव जी.के. पिल्लई
- तारीख
- 4 अगस्त, 2026
- विरोध
- NC, PDP, AIP ने 5 अगस्त को विरोध कार्यक्रम घोषित किए
- सुरक्षा
- कश्मीर घाटी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात
पृष्ठभूमि
पूर्व केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई के नेतृत्व वाले 'फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स इन जम्मू एंड कश्मीर' नामक अधिकार समूह को मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह रिपोर्ट अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी की जानी थी।
समूह में पूर्व सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और पूर्व कश्मीर वार्ताकार राधा कुमार जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं। समूह पिछली रिपोर्टों में मनमानी हिरासत जैसे मानवाधिकार उल्लंघनों के मुद्दों को उजागर करता रहा है और क्षेत्र की राजनीतिक तथा सुरक्षा स्थिति का वर्णन करता रहा है।
वर्तमान स्थिति
समूह के सदस्य सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल कपिल काक ने कहा, "हमारी निराशा के लिए, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (SKICC) के उपयोग की अनुमति नहीं दी। इसलिए हमें रिपोर्ट जारी करने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।" इस वर्ष पिल्लई को 7 अगस्त को श्रीनगर में समूह की वार्षिक रिपोर्ट जारी करनी थी।
राधा कुमार ने बताया कि वे अब पार्टी कार्यालयों में जाकर पार्टी प्रमुखों और विधायकों को अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करेंगे। इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) सहित कई जम्मू-कश्मीर पार्टियों ने इस अवसर पर विरोध कार्यक्रम घोषित किए हैं।
| पार्टी | कार्यक्रम |
|---|---|
| PDP | जिला-स्तरीय विरोध प्रदर्शन |
| NC | दिल्ली में विशेष कार्यक्रम |
| AIP | 5 अगस्त को 'काला दिवस' |
प्रभाव
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "प्रशासन द्वारा SKICC अधिकारियों को फोरम को अपनी 2026 मानवाधिकार रिपोर्ट जारी करने की अनुमति देने से इनकार करने के लिए मजबूर करना गहरा परेशान करने वाला और पूरी तरह से निंदनीय है।" उन्होंने कहा कि इससे यह धारणा मजबूत होती है कि जम्मू-कश्मीर को खुली हवा वाली जेल में बदल दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर की पार्टियों ने 5 अगस्त को विरोध दिवस के रूप में मनाने की तैयारी की है। पीडीपी ने जिला-स्तरीय विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। एनसी सांसद आगा रुहुल्ला और चौधरी मोहम्मद रमज़ान दिल्ली में विशेष कार्यक्रम करेंगे। इंजीनियर राशिद के नेतृत्व वाली अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने 5 अगस्त को 'काला दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
भाजपा के जम्मू-कश्मीर प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि 5 अगस्त, 2019 को एक निर्णायक क्षण के रूप में याद किया जाएगा, जिसने दशकों की अनिश्चितता को समाप्त किया। उन्होंने कहा कि अब युवा किताबों और लैपटॉप को चुन रहे हैं।
यदि प्रशासन अनुमति नहीं देता है, तो फोरम पार्टी कार्यालयों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है। यदि विरोध प्रदर्शन तेज होते हैं, तो सुरक्षा बलों को अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी दिनों में स्थिति कैसे विकसित होगी।
स्रोत: thehindu.com



