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केरल हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में चार और आरोपियों को जमानत दी

केरल हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों पर हमले के आरोपी चार CPI(M) कार्यकर्ताओं को नियमित जमानत दी। इससे पहले नौ आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।

मुख्य तथ्य

जमानत देने की तारीख
4 अगस्त 2026
जमानत पाने वाले आरोपी
लेनिन राज, अमल एस.पी., वैशाख, राहुल
पिछले दिन जमानत पाने वाले
9 आरोपी
घटना की तारीख
27 मई
घटना का समय
लगभग 2:40 बजे
भीड़ की संख्या
लगभग 300 लोग

पृष्ठभूमि

केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार (4 अगस्त) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमले के आरोप में गिरफ्तार चार CPI(M) कार्यकर्ताओं को नियमित जमानत दे दी। ये सभी आरोपी 27 मई को विपक्ष के नेता पिनराई विजयन और उनकी बेटी के आवास पर ईडी की तलाशी के बाद हुए कथित हमले में शामिल थे।

न्यायमूर्ति डॉ. कौसर एडप्पागथ ने लेनिन राज, अमल एस.पी., वैशाख और राहुल को जमानत देने का आदेश पारित किया। इससे एक दिन पहले अदालत ने नौ आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली थी, जिनमें किरण पी.एस., जीवन, अनिल कुमार, श्रीजिथ, निशाद, सिद्धार्थ एस., शफीक, नंदू जी.आर. और राहुल ए. राजन शामिल हैं।

वर्तमान स्थिति

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री के आवास से ईडी अधिकारी तीन टैक्सियों में लगभग 2:40 बजे निकल रहे थे, तभी लगभग 300 लोगों की भीड़ ने कथित तौर पर काफिले को घेर लिया और पत्थरों, ईंटों, लाठियों और रॉड से वाहनों पर हमला कर दिया।

म्यूज़ियम पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 191(2), 190, 126(2), 296(b), 132, 121(1), 118(1) और 109 तथा लोक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज किया है।

जमानत पाने वाले आरोपियों की सूची
क्रम नाम जमानत की तारीख
1किरण पी.एस.3 अगस्त 2026
2जीवन3 अगस्त 2026
3अनिल कुमार3 अगस्त 2026
4श्रीजिथ3 अगस्त 2026
5निशाद3 अगस्त 2026
6सिद्धार्थ एस.3 अगस्त 2026
7शफीक3 अगस्त 2026
8नंदू जी.आर.3 अगस्त 2026
9राहुल ए. राजन3 अगस्त 2026
10लेनिन राज4 अगस्त 2026
11अमल एस.पी.4 अगस्त 2026
12वैशाख4 अगस्त 2026
तारीखें स्रोत से ली गई हैं; 3 अगस्त को नौ आरोपियों को और 4 अगस्त को चार आरोपियों को जमानत मिली।

प्रभाव

इस जमानत आदेश से अब तक कुल 13 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जिससे मामले में आरोपियों की संख्या के अनुपात में राहत मिली है। हालांकि, अभी भी कुछ आरोपी न्यायिक हिरासत में हो सकते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने आरोपी हैं।

इस फैसले से CPI(M) कार्यकर्ताओं को कानूनी राहत मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी है। ईडी अधिकारियों पर हमले की घटना ने राजनीतिक तनाव को बढ़ाया था, और इस जमानत से राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएँ आ सकती हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि अदालत शेष आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी इसी तरह विचार करती है, तो उन्हें भी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभियोजन पक्ष द्वारा जमानत आदेश को चुनौती दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मामले की अगली सुनवाई में अदालत आरोपों की गंभीरता और सबूतों के आधार पर फैसला सुना सकती है। यदि सबूत मजबूत होते हैं, तो जमानत रद्द होने की भी संभावना है, लेकिन फिलहाल यह अनिश्चित है।

स्रोत: livelaw.in

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