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असम की बाढ़ से प्रभावित चार जिलों में क्लेम निपटान में तेजी लाने का IRDAI का निर्देश

IRDAI ने बीमा कंपनियों को असम के सिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट में बाढ़ से हुए नुकसान के क्लेम जल्द निपटाने का निर्देश दिया है।

असम की बाढ़ से प्रभावित चार जिलों में क्लेम निपटान में तेजी लाने का IRDAI का निर्देश
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

नियामक
IRDAI
प्रभावित जिले
सिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, गोलाघाट
निर्देश
क्लेम निपटान में तेजी लाने के लिए
सेवाएं
24x7 हेल्पलाइन, जिला स्तर पर विशेष क्लेम डेस्क
अधिकारी
वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति, जिला क्लेम सेवा प्रमुख

पृष्ठभूमि

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमा कंपनियों, जिनमें जीवन बीमा और स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियां शामिल हैं, को असम के चार जिलों में बाढ़ से उत्पन्न क्लेमों का निपटान शीघ्र करने का निर्देश दिया है।

बीमा नियामक ने कहा कि भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से राज्य के सिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में जान-माल (घरों और व्यवसायों) और बुनियादी ढांचे का व्यापक नुकसान हुआ है।

वर्तमान स्थिति

IRDAI ने बीमा कंपनियों को त्वरित क्लेम निपटान के लिए सर्वेक्षकों, लॉस एडजस्टर्स और जांचकर्ताओं की सेवाएं लेने का निर्देश दिया है। साथ ही, कंपनियों को मुख्य सचिव को एक वरिष्ठ अधिकारी के नाम की जानकारी तुरंत देने को कहा गया है।

अधिक संख्या में क्लेम दर्ज करने वाले जिलों की देखरेख के लिए एक नामित जिला क्लेम सेवा प्रमुख की नियुक्ति की जाएगी। बीमा कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे दावेदारों की सहायता अपनी 24x7 हेल्पलाइन और जिला स्तर पर विशेष क्लेम डेस्क के माध्यम से करें, जिनके पास क्लेम के त्वरित प्रसंस्करण और निपटान के लिए अधिकार होंगे।

IRDAI ने कहा कि कंपनियों को क्लेम भुगतान या ऑन-अकाउंट भुगतान जल्द से जल्द करने और पॉलिसीधारकों को पत्राचार के लिए जहां संभव हो इलेक्ट्रॉनिक संचार का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है।

प्रभाव

इस निर्देश का सीधा असर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के उन बीमित व्यक्तियों पर पड़ेगा जिन्होंने अपनी जान, संपत्ति या व्यवसाय का बीमा कराया है। त्वरित क्लेम निपटान से उन्हें वित्तीय राहत मिल सकेगी, जिससे वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकेंगे।

बीमा कंपनियों को अपने संसाधन जुटाने और तत्काल सेवा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इससे क्लेम प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है, लेकिन इसका असर कंपनियों के परिचालन पर भी पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि बीमा कंपनियां IRDAI के निर्देशों का पालन करती हैं, तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लेम निपटान की प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। इससे प्रभावित बीमित व्यक्तियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सकती है।

हालांकि, यदि कंपनियां निर्देशों का पालन करने में विफल रहती हैं, तो क्लेम निपटान में देरी हो सकती है, जिससे प्रभावित लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। IRDAI द्वारा आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाए जाएंगे।

आने वाले दिनों में, यदि बाढ़ की स्थिति और खराब होती है, तो क्लेम की संख्या बढ़ सकती है, जिससे बीमा कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि कंपनियां इन निर्देशों को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती हैं।

स्रोत: thehindu.com

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